अमेरिका ने 15 जुलाई 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को हथियार मुहैया कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने कुल सात व्यक्तियों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद उठाया गया है, जिसके लिए तेहरान को जिम्मेदार माना गया है।

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प्रतिबंधों का मुख्य कारण और उद्देश्य

अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु हथियार मुक्त होना होगा और अमेरिका उसके हथियार कार्यक्रमों को फंडिंग देने वाले अवैध नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना चाहता है। इस कार्रवाई के तहत उन सभी लोगों और संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है। इन प्रतिबंधों का मुख्य मकसद ईरान की उन सप्लाई लाइन्स को रोकना है जो एविएशन और ट्रांसपोर्ट के जरिए IRGC की मदद करती हैं।

किन पर हुई कार्रवाई

अमेरिकी सरकार ने जिन प्रमुख नामों और कंपनियों को लिस्ट में डाला है, उनमें शामिल हैं:

  • Behrouz Namazi (ईरान, Nika Jet Company)
  • Mariya Vladimirovna Selina और Vadim Anatolyevich Druzhbin (रूस, Avratek OOO)
  • Dounia Ettaib (इटली)
  • Nika Jet Company, Avratek OOO और नाइजीरिया की Vanguard Tactical Supply Limited

यह फैसला साल 2026 में पहले से जारी प्रतिबंधों को और मजबूत करता है। इससे ठीक एक दिन पहले, 14 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने Bandar Abbas, Khormuj और Ahvaz में ईरान के उन ठिकानों पर सैन्य हमले किए थे, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाने के काम आते थे। अमेरिकी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईरान की युद्ध मशीन को फंड करने वाली किसी भी गतिविधि को भविष्य में भी बख्शा नहीं जाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com