अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ईरान के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है। 28 मई 2026 को अमेरिकी सरकार ने ईरान के सैन्य तेल व्यापार और हाल ही में बने पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी को निशाना बनाते हुए नए कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन और उसकी सेना को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन इस कदम से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहता है ताकि वह अपनी सैन्य क्षमता को दोबारा मजबूत न कर सके।

ईरान के खिलाफ क्यों की गई इतनी बड़ी कार्रवाई?

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि वे ईरान को तेल से होने वाली कमाई बढ़ाने की अनुमति नहीं देंगे। यह प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकतम आर्थिक दबाव की नीति के तहत लगाए गए हैं। ईरान ने हाल ही में 5 मई को पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी बनाने की घोषणा की थी और 20 मई को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अपना अधिकार क्षेत्र तय करने वाला एक नक्शा जारी किया था। अमेरिका का आरोप है कि यह अथॉरिटी वैश्विक समुद्री व्यापार से अवैध वसूली कर रही है और इसका सीधा फायदा ईरान की सेना को मिल रहा है।

किन कंपनियों और जहाजों पर लगी है पाबंदी?

इस नए फैसले में 15 से ज्यादा कंपनियों और कई बड़े जहाजों को प्रतिबंधित सूची में डाला गया है। इसमें दुबई और हांगकांग की भी कुछ कंपनियां शामिल हैं जो ईरान के इस व्यापार में मदद कर रही थीं। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख प्रतिबंधित संस्थाओं और जहाजों की सूची दी गई है।

संस्था या जहाज का नाम स्थान या फ्लैग मुख्य विवरण
पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ईरान वैश्विक समुद्री व्यापार से अवैध वसूली का आरोप
सेपेहर एनर्जी जहान (Sepehr Energy Jahan) ईरान ईरानी सेना की तेल बिक्री शाखा
सिम्फनी शिपिंग एंड मैरीटाइम (Symphony Shipping) दुबई (UAE) ईरानी गतिविधियों में सहयोग का आरोप
वर्थ सीन एनर्जी लिमिटेड (Worth Seen Energy) हांगकांग सहयोगी चीनी संस्था
फ्लोरा (Flora) मार्शल आइलैंड्स कच्चा तेल ले जाने वाला प्रतिबंधित टैंकर
हुआनकायो (Hauncayo) कोमोरोस कच्चा तेल ले जाने वाला प्रतिबंधित टैंकर
इल गैप (Ill Gap) पनामा प्रतिबंधित तेल टैंकर

विदेशी कंपनियों और बैंकों के लिए क्या है अमेरिकी चेतावनी?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दुनिया भर की कंपनियों को सचेत किया है कि यदि किसी भी विदेशी कंपनी, एयरलाइन या बैंक ने प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं के साथ लेनदेन किया, तो उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें विशेष रूप से कहा गया है कि नई ईरानी अथॉरिटी को किसी भी तरह का टैक्स, टोल या क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर करना भारी पड़ सकता है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है, इसलिए इस फैसले का वैश्विक व्यापार और खाड़ी क्षेत्र के शिपिंग रूट पर बड़ा असर होने की उम्मीद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर यह नया प्रतिबंध कब लगाया है?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह प्रतिबंध गुरुवार, 28 मई 2026 को घोषित किए हैं, जो ईरान के मिलिट्री तेल व्यापार और उसकी नई समुद्री अथॉरिटी को निशाना बनाते हैं।

क्या खाड़ी देशों की कंपनियों पर भी इसका कोई असर पड़ेगा?

हां, प्रतिबंधों की सूची में दुबई की सिम्फनी शिपिंग कंपनी भी शामिल है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान की मदद करने वाली किसी भी विदेशी कंपनी या बैंक पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.