अमेरिकी सरकार ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार, 29 जुलाई 2026 को नई पाबंदियों का ऐलान किया है। अमेरिका के वित्त विभाग ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों से जबरन वसूली कर रहा है और तेल की तस्करी के लिए ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त बेड़े) का इस्तेमाल कर रहा है। यह कदम ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल सेक्टर को निशाना बनाने वाली एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13902 के तहत उठाया गया है।

ईरान की कंपनियों पर अमेरिकी कार्रवाई

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, दो ईरानी कंपनियों Persian Gulf Marine Insurance Company और HormuzSafe Marine Services Authority को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है। आरोप है कि ये कंपनियां जहाजों को अनिवार्य समुद्री बीमा के नाम पर वसूली करती थीं और डिजिटल एसेट जैसे कि बिटकॉइन के जरिए अपना काम चला रही थीं ताकि अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों से बचा जा सके। इसके साथ ही आठ टैंकरों और कुल दस संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें से छह कंपनियां चीन में स्थित हैं।

क्या बोले अमेरिकी वित्त मंत्री

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को वैश्विक व्यापार को बंधक बनाने या अपने तेल से आतंकवाद और हिंसा को बढ़ावा देने की इजाजत नहीं देगा। ईरान पर आरोप है कि वह इस जबरन वसूली से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) की गतिविधियों को फाइनेंस करने में कर रहा है।

क्षेत्र में तनाव का माहौल

इस फैसले के बाद से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। खबर है कि प्रतिबंधों वाले दिन ही ईरान ने होर्मुज में तीन कमर्शियल जहाजों को रोक लिया था। वहीं, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित गुटों पर संयुक्त हमले किए हैं। ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस मामले में बातचीत के लिए तेहरान पहुंचा है, जबकि अमेरिका की सीनेट में ईरान पर 2031 तक प्रतिबंध जारी रखने वाला एक नया बिल भी पेश किया गया है। 2026 की शुरुआत से अब तक अमेरिका 100 से ज्यादा ईरानी तेल टैंकरों पर पाबंदी लगा चुका है, जो मुख्य रूप से चीन और यूएई की ओर जा रहे थे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.