अमेरिका ने 29 जुलाई 2026 को ईरान के तेल व्यापार और शिपिंग नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। अमेरिकी वित्त विभाग के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने ईरान के 8 तेल टैंकरों और 10 कंपनियों पर नई पाबंदियां लागू की हैं। इन कंपनियों में Persian Gulf Marine Insurance Company और HormuzSafe Marine Services Authority शामिल हैं, जिन पर आरोप है कि ये IRGC के इशारे पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से जबरन बीमा वसूलते थे।

ईरान की अर्थव्यवस्था पर अधिकतम दबाव

अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने बताया कि ईरान की अर्थव्यवस्था इस समय बुरे दौर से गुजर रही है और वहां महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बंधक बनाने की इजाजत नहीं देगा। ईरान की इन कंपनियों और ‘शैडो फ्लीट’ यानी गुप्त जहाजों का इस्तेमाल तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद भेजने के लिए किया जा रहा था। साल 2026 में अब तक अमेरिका 100 से ज्यादा ऐसे जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है।

मध्य पूर्व में तनाव का माहौल

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। जॉर्डन में अमेरिकी बलों पर हुए मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है। वहीं, ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद है और उनके नियंत्रण में है। इसके साथ ही 14 जुलाई से ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण वहां भारी मात्रा में तेल टैंकर फंसे हुए हैं। अमेरिकी सीनेट में ‘Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026’ को भी आगे बढ़ाया गया है, जिससे ईरान के ऊर्जा और हथियार उद्योग पर दबाव और बढ़ने की संभावना है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.