अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सरकार ने ईरान के तेल तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी प्रशासन के ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद ईरान को मिलने वाले पैसों के रास्ते बंद करना है ताकि वह अपने सैन्य अभियानों और बाहरी समूहों को फंडिंग न दे सके। इस कार्रवाई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और चीन की कई फर्जी कंपनियों को निशाना बनाया गया है जिससे खाड़ी देशों में व्यापार करने वाले लोगों में खलबली मच गई है।

ईरान का तेल तस्करी नेटवर्क कैसे काम करता था?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क ईरान के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) को चोरी-छिपे दूसरे देशों में भेजता था। इस अवैध काम को छुपाने के लिए वे इसे ओमान देश का तेल बताते थे ताकि अमेरिकी अधिकारियों की नजरों से बचा जा सके। इसके लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और चीन में मौजूद फर्जी कंपनियों का सहारा लिया जाता था।

  • UAE की फर्जी कंपनियां: इसमें Butani Trading LLC, Dundlod Trading FZE और ADH Energy FZE जैसी कंपनियां शामिल हैं जो ईरानी तेल को अपना बताकर बेचती थीं।
  • चीन की कंपनियां: Shanghai Qianye Energy Co., Ltd. जैसी कंपनियां इस नेटवर्क को चलाने में मदद करती थीं।
  • मुख्य ऑपरेटर: अफगान नागरिक सरबाज़ अब्दुल ज़ादा और तुर्की के नागरिक मोहम्मद शाकोल मिहानदोस्त इस पूरे खेल के मुख्य ऑपरेटर थे।
  • पकड़े गए जहाज़: इस तस्करी में LPG SEVAN, MD 23, Glendale, Amir Gas, Gas Lagoon, Mile और Gaz GMS जैसे बड़े जहाज़ों का इस्तेमाल किया गया था जिन्हें अब प्रतिबंधित कर दिया गया है।

पैसे के अवैध लेन-देन वाले एक्सचेंज हाउस पर भी लगा ताला

अमेरिका ने सिर्फ तेल बेचने वाले जहाज़ों और कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि पैसे का ट्रांसफर करने वाले रास्तों पर भी ताला लगा दिया है। अमेरिका के गृह विभाग ने ईरान के बैंकों को वित्तीय मदद पहुंचाने वाले एक बड़े मनी एक्सचेंज पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है।

  • मनी एक्सचेंज पर बैन: मेहरदाद गेरामियन निक एंड पार्टनर्स कंपनी और इसके संचालकों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
  • यह एक्सचेंज हाउस बैंक तेज़ारत और बैंक मेल्लत जैसे प्रतिबंधित ईरानी बैंकों के लिए करोड़ों डॉलर का अवैध लेन-देन करता था।
  • अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने साफ कहा है कि इस कड़े कदम से ईरान के बैंकिंग नेटवर्क और समुद्री जहाज़ों के अवैध बेड़े को पूरी तरह तोड़ दिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर यह नए प्रतिबंध क्यों लगाए हैं?

अमेरिका ने यह प्रतिबंध ईरान के अवैध तेल तस्करी नेटवर्क को रोकने और उसके वित्तीय रास्तों को बंद करने के लिए लगाए हैं, ताकि वह सैन्य गतिविधियों के लिए पैसा न जुटा सके।

इस तस्करी नेटवर्क में कौन से देश की कंपनियां शामिल थीं?

इस नेटवर्क में मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और चीन की फर्जी कंपनियां शामिल थीं, जो ईरानी गैस को ओमान का बताकर बेचती थीं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.