अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। US सरकार ने ईरान से जुड़े 35 लोगों और संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह पूरी कार्रवाई ईरान के गुप्त बैंकिंग नेटवर्क और पैसों के अवैध लेन-देन को रोकने के लिए की गई है। अमेरिका इसे अपना ‘Economic Fury’ कैंपेन कह रहा है ताकि ईरान पर अधिकतम दबाव बनाया जा सके।

📰: Saudi Arabia का बड़ा बयान, इसराइल और ईरान के हमलों पर जताया गुस्सा, अब बदलेगी रणनीति

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ये प्रतिबंध क्यों लगाए?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने यह कदम उठाया है। यह प्रतिबंध एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13902 और 13224 के तहत लागू किए गए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ईरान एक ‘शैडो बैंकिंग सिस्टम’ चला रहा है जिसके जरिए वह अपने सशस्त्र बलों और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाता है। इस नेटवर्क की मदद से ईरान प्रतिबंधों को चकमा देकर अरबों डॉलर इधर-उधर करता है और हथियारों के पुर्जे खरीदता है।

विवरण जानकारी
प्रतिबंध की तारीख 28 अप्रैल, 2026
कुल प्रतिबंधित लोग/कंपनियां 35
अभियान का नाम Economic Fury
मुख्य एजेंसी OFAC (US Treasury)
कानूनी आदेश EO 13902 और 13224
मुख्य लक्ष्य Shadow Banking और गुप्त वित्तीय नेटवर्क

किन कंपनियों और देशों पर इसका असर पड़ेगा?

इन प्रतिबंधों का सीधा असर उन 35 लोगों और कंपनियों पर पड़ेगा जो ईरान के गुप्त वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा हैं। इसमें ईरान की नेशनल ऑयल कंपनी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े लोग शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी बैंक ‘राहबर्स’ (rahbars) नाम की प्राइवेट कंपनियों और शेल अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा, अमेरिका ने चीन की उन ‘टीपॉट’ रिफाइनरियों को भी चेतावनी दी है जो ईरान का कच्चा तेल खरीद रही हैं, खासकर शेडोंग प्रांत की रिफाइनरियां।

अमेरिकी सरकार ने बैंकों को क्या चेतावनी दी है?

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान का यह बैंकिंग सिस्टम उसके सशस्त्र बलों के लिए एक लाइफलाइन की तरह काम करता है। उन्होंने दुनिया भर के बैंकों को चेतावनी दी है कि अगर कोई भी संस्थान इन प्रतिबंधित नेटवर्क के साथ लेनदेन करता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की स्थिति को ‘पतन की स्थिति’ (State of Collapse) बताया और कहा कि ईरानी शासन को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Economic Fury कैंपेन क्या है?

यह अमेरिकी सरकार की एक रणनीति है जिसके तहत ईरान पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाया जा रहा है ताकि उसके वित्तीय संसाधनों और अवैध आय के स्रोतों को खत्म किया जा सके।

क्या इस कार्रवाई का असर तेल व्यापार पर पड़ेगा?

हाँ, अमेरिका ने विशेष रूप से चीन की टीपॉट रिफाइनरियों और ईरान की तेल कंपनी को निशाना बनाया है ताकि ईरान द्वारा तेल की अवैध बिक्री से होने वाली कमाई को रोका जा सके।