अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई की है। अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने ईरान के चार बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों और उनके मुख्य मालिकों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान के तहत 2 जून 2026 को की गई है। इस बड़े कदम का उद्देश्य ईरान के डिजिटल नेटवर्क को पूरी तरह से ठप करना और प्रतिबंधों से बचने के उनके प्रयासों को रोकना है।
किन ईरानी क्रिप्टो एक्सचेंजों पर लगाया गया है प्रतिबंध?
अमेरिकी सरकार ने ईरान के सबसे बड़े डिजिटल एसेट एक्सचेंज Nobitex सहित कुल चार प्रमुख एक्सचेंजों को निशाना बनाया है। इन कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं:
- Nobitex: यह ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज है, जिसने साल 2025 में ईरान के कुल डिजिटल लेन-देन का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा प्रोसेस किया था। इस पर प्रतिबंधों से बचने और हिजबुल्लाह व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए फंड जुटाने का आरोप है।
- Wallex: इस एक्सचेंज को भी प्रतिबंधित सूची में डाल दिया गया है।
- Bitpin: इसे भी अवैध वित्तीय गतिविधियों के कारण प्रतिबंधित किया गया है।
- Ramzinex: इस चौथे ईरानी एक्सचेंज पर भी लेन-देन करने की पाबंदी लगा दी गई है।
कौन-कौन से बड़े अधिकारी आए इस प्रतिबंध की जद में?
प्रतिबंधों में न केवल कंपनियों को बल्कि उनके पीछे काम कर रहे मुख्य लोगों को भी शामिल किया गया है। अमेरिकी सरकार ने Nobitex के निम्नलिखित प्रमुख अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया है:
- Amir Hossein Rad: Nobitex के चेयरमैन, सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ।
- Seyed Mohammad Ali Aghamir Mohammad Ali और Seyed Mohammad Aghamir Mohammad Ali: Nobitex के सह-संस्थापक और ईरान के प्रभावशाली खर्राजी परिवार के सदस्य।
- Seyed Ali Khoee: जो वर्तमान में Nobitex कंपनी के सीईओ हैं।
इस प्रतिबंध के बाद इन सभी व्यक्तियों और कंपनियों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियों को ब्लॉक कर दिया गया है। साथ ही जो भी विदेशी बैंक या कंपनियां इनके साथ व्यापार जारी रखेंगी, उन पर भी अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
अमेरिका ने क्यों उठाया यह बड़ा कदम?
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने बताया कि ईरानी शासन अपनी गिरती अर्थव्यवस्था के बावजूद डिजिटल संपत्तियों का इस्तेमाल गलत कामों और प्रतिबंधों से बचने के लिए कर रहा था। अमेरिकी सरकार ने जानकारी दी है कि इस कार्रवाई के तहत लगभग 1 अरब डॉलर की ईरानी क्रिप्टोकरेंसी को जब्त किया गया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में टीथर (Tether) ने भी ईरान के सेंट्रल बैंक से जुड़े दो वॉलेट में मौजूद 344.2 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो संपत्ति को फ्रीज कर दिया था, जो कथित तौर पर हिजबुल्लाह और IRGC-क़ुद्स फोर्स के नियंत्रण में थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के क्रिप्टो एक्सचेंजों पर प्रतिबंध कब लगाया?
अमेरिका ने यह प्रतिबंध आधिकारिक तौर पर मंगलवार, 2 जून 2026 को घोषित किया था।
इस कार्रवाई में अमेरिका ने कुल कितनी क्रिप्टो संपत्ति जब्त की है?
अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर की ईरानी क्रिप्टोकरेंसी जब्त की जा चुकी है।
