अमेरिका ने ईरान पर लगाए कड़े प्रतिबंध, UAE ने व्यापार रोका तो फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा।

Sushma Kumari24 August 20262 min read41 viewsUAE
अमेरिका ने ईरान पर लगाए कड़े प्रतिबंध, UAE ने व्यापार रोका तो फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला बोला है और इसे 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' नाम दिया है। इस नए कदम का मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से ठप करना है ताकि वे अपनी नीतियों में बदलाव करें। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस वित्तीय आक्रामक कदम को सबसे बड़ा आर्थिक हथियार बताया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे इस बार किसी भी तरह की ढील नहीं देंगे और जो भी देश या कंपनी ईरान की मदद करेगी, उसे अमेरिकी डॉलर सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। इस कड़े फैसले के बाद पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मच गई है और इसका असर आम आदमी की जिंदगी पर भी साफ दिखने लगा है।

ईरान की मुद्रा में भारी गिरावट और सख्त चेतावनी

अमेरिकी प्रतिबंधों का असर ईरान की करेंसी पर बहुत बुरा पड़ा है। खुले बाजारों में ईरानी रियाल गिरकर 2.02 मिलियन रियाल प्रति अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए ईरानी सरकार भी चुप नहीं बैठी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे इसका कड़ा जवाब देंगे और उन देशों के खिलाफ भी कदम उठा सकते हैं जो अमेरिका का साथ दे रहे हैं। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने साफ कह दिया है कि अगर ऐसा ही दबाव बना रहा तो फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से एक बूंद भी तेल का निर्यात नहीं होने दिया जाएगा। ईरान की इस धमकी के बाद से पूरी दुनिया में तेल, गैस और सोने के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं।

खाड़ी देशों पर असर और कूटनीतिक हलचल

इस पूरे विवाद के बीच खाड़ी देशों में भी कूटनीतिक फैसले तेजी से बदले जा रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने ईरान के साथ अपने सभी तरह के व्यापार को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान का मानना है कि यह फैसला अमेरिका के साथ मिलकर लिया गया है। दूसरी तरफ, ओमान इस मामले में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है और मंगलवार को ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत करने वाला है। इस पूरी स्थिति पर भारत, चीन और रूस जैसे बड़े देश भी अपनी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका के पूर्व राजनयिक एलन आयर ने इन पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अमेरिका पहले ही अपने ज्यादातर आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल कर चुका है, इसलिए देखना यह होगा कि इस नई रणनीति से जमीन पर कितना असर पड़ता है।

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