US-India Pharma Ties: अमेरिका और भारत मिलाएंगे हाथ, दवाइयों की सप्लाई चेन होगी मजबूत, एंबेसडर Sergio Gor ने किया बड़ा ऐलान

अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने भारत और अमेरिका के बीच फार्मा सेक्टर के रिश्तों को और मजबूत करने की बात कही है। उन्होंने अमेरिकी बिजनेस लीडर्स के साथ एक मीटिंग की ताकि दवाइयों की सप्लाई चेन को बेहतर बनाया जा सके। इस कोशिश का मकसद यह है कि भविष्य में किसी भी हेल्थ संकट के समय दवाइयों की कमी न हो और सप्लाई सिस्टम टिकाऊ रहे।

दवाइयों की सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर

24 अप्रैल 2026 को Sergio Gor ने अमेरिकी उद्योग जगत के बड़े लोगों के साथ एक राउंडटेबल मीटिंग की। उन्होंने कहा कि अगर भारत और अमेरिका के फार्मा संबंध मजबूत होंगे तो आम लोगों के लिए दवाइयों की सप्लाई चेन अधिक टिकाऊ होगी। अमेरिकी कंपनियां अब भारत में अपना काम बढ़ाने और सही डील करने पर ध्यान दे रही हैं। इससे ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और दवाइयां आसानी से उपलब्ध होंगी।

COMPACT फ्रेमवर्क और नए समझौतों का क्या असर होगा

दोनों देश US-India COMPACT फ्रेमवर्क के जरिए सेमीकंडक्टर्स, क्रिटिकल मिनरल्स और फार्मा सेक्टर में सहयोग कर रहे हैं। भारत Pax Silica घोषणा का दसवां हस्ताक्षरकर्ता बन गया है, जिससे आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को जोड़ा जाएगा। साथ ही, भारत के AI स्केल को अमेरिकी AI इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए एक MoU पर भी चर्चा हुई है। इससे टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आएगा।

Sergio Gor के कार्यकाल की अब तक की बड़ी बातें

Sergio Gor ने 21-22 अप्रैल 2026 को अपने पद के पहले 100 दिन पूरे किए। इस दौरान फरवरी में एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की घोषणा हुई और डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ा। उन्होंने कॉमर्स सचिव Howard Lutnick के साथ मिलकर कमर्शियल रोडमैप पर बात की। उनका मानना है कि आने वाली ट्रेड टॉक्स दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा होंगी।