दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे ज़रूरी रास्ता Strait of Hormuz अब ईरान के कंट्रोल में हो सकता है। अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अब अपनी मर्जी से इस रास्ते को बंद कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा और तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।

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अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार, 19 जून 2026 को एक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। इस समझौते का मकसद Strait of Hormuz को फिर से खोलना और परमाणु बातचीत को आगे बढ़ाना है। इस डील के तहत अमेरिका ईरान की समुद्री नाकेबंदी खत्म करेगा, जबकि ईरान रास्ते से बारूदी सुरंगें हटाकर जहाजों के लिए रास्ता साफ करेगा।

खुफिया रिपोर्ट की मुख्य बातें

  • अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने बताया कि ईरान के पास अब इस जलमार्ग को पूरी तरह बंद करने की क्षमता है।
  • एक अधिकारी ने इस क्षमता को परमाणु बम से भी ज्यादा ताकतवर हथियार बताया है।
  • ईरान ने पहले 10 जून 2026 को अमेरिकी हमलों के बाद इस रास्ते को बंद कर दिया था।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, समझौता होने के बावजूद ईरान भविष्य में इस रास्ते का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने मांग की है कि इस रास्ते को बिना किसी टोल के तुरंत खोला जाए और सारी सुरंगें हटाई जाएं। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने भी कहा है कि जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के बहाल होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख Antonio Guterres ने इस समझौते को मध्य पूर्व के विवाद को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। वहीं, ईरान के चैंबर ऑफ कॉमर्स के अधिकारी Davoud Rangi ने पहले चेतावनी दी थी कि इस रास्ते को बंद करने से ईरान के अपने व्यापार को भी बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।