अमेरिका और इजरायल पिछले 12 दिनों से ईरान पर लगातार सैन्य हमले कर रहे हैं। इन सबके बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल (NIC) ने एक क्लासिफाइड रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार ईरान की सरकार फिलहाल गिरने की कगार पर नहीं है। सऊदी न्यूज 50 और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इतनी बमबारी के बावजूद ईरान का शासन स्थिर बना हुआ है। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने भी यह मान लिया है कि ईरान में अभी कोई बड़ा विद्रोह नहीं होने वाला है और ना ही सरकार गिरने वाली है।

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ईरान सरकार क्यों नहीं गिर रही है?

खुफिया अधिकारियों का कहना है कि ईरानी नेतृत्व ने सत्ता को बनाए रखने के लिए खास प्रोटोकॉल लागू किए हैं। वहां का विपक्ष कई टुकड़ों में बंटा हुआ है जो फिलहाल सरकार के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाने में सक्षम नहीं है। इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बंद कमरे में हुई बातचीत में रॉयटर्स को बताया कि इस युद्ध से ईरान की सरकार खत्म हो जाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हालिया हमलों में मामूली रूप से घायल हुए हैं, लेकिन सत्ता पर उनकी पकड़ मजबूत बनी हुई है।

अमेरिका और ईरान के बीच अभी क्या चल रहा है?

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से अब तक ईरान के 1700 ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायली लड़ाकू विमानों ने भी 1600 उड़ानें भरी हैं। इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए ईरान के 16 जहाजों को नष्ट कर दिया है। वही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ कहा है कि वह अपने बचाव में सिर्फ उन ठिकानों पर हमला करेंगे जहां से उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना किसी शर्त के सरेंडर करने की मांग की है और व्हाइट हाउस ने भी साफ कर दिया है कि जब तक सरेंडर नहीं होता, युद्ध जारी रहेगा।

युद्ध का दुनिया पर क्या असर पड़ रहा है?

इस तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। इसे रोकने के लिए अमेरिका ने अपने स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से 17 करोड़ 20 लाख बैरल तेल जारी करने का फैसला लिया है ताकि तेल की सप्लाई बनी रहे। उधर ब्रिटेन ने 11 मार्च को होने वाले लंदन कुद्स डे मार्च पर बैन लगा दिया है ताकि किसी भी तरह के दंगे से बचा जा सके। इसके साथ ही 46 अमेरिकी सीनेटरों ने ईरान के मीनाब में 28 फरवरी को एक स्कूल पर हुए हमले की जांच की मांग की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com