अमेरिका ने Strait of Hormuz में तनाव के बीच ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले कई दिनों से अमेरिकी सेना ईरानी सैन्य ठिकानों, रडार सिस्टम और एयर डिफेंस पर लगातार हमले कर रही है। 14 जुलाई 2026 को दोपहर 4 बजे (20:00 UTC) से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर एक नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) भी लागू कर दी है, ताकि ईरान समुद्री व्यापार के जरिए अपनी सैन्य गतिविधियों के लिए पैसा न जुटा सके।
हमले में भारतीय क्रू मेंबर की मौत
यह तनाव तब बढ़ा जब ईरान ने UAE के झंडे वाले दो तेल टैंकरों Mombasa और Al Bahiyah को ओमान के पास मिसाइल से निशाना बनाया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि ये टैंकर अमेरिका के प्रभाव में थे और चेतावनी के बावजूद गलत रूट पर चल रहे थे।
अमेरिका का नया प्लान और क्षेत्रीय प्रभाव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिका को ‘Guardian of the Hormuz Strait’ घोषित किया है। उन्होंने इस जलमार्ग से गुजरने वाले सभी कार्गो पर 20 फीसदी सुरक्षा शुल्क वसूलने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिका ने कांग्रेस को सूचित किया है कि 7 जुलाई से सैन्य कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिसके लिए उन्हें अगले 60 दिनों तक मंजूरी की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर, ईरान ने क्षेत्र में अस्थिरता का हवाला देकर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है और बहरीन, जॉर्डन व कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले के दावे किए हैं। इस स्थिति पर UN और कई पश्चिमी देशों ने गहरी चिंता जताई है और बातचीत की अपील की है।
