अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सख्ती काफी बढ़ा दी है। अब अमेरिकी सेना दुनिया के किसी भी हिस्से में उस जहाज को रोकेगी जो ईरान को कोई भी सामान या आर्थिक मदद पहुंचा रहा होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है ताकि ईरान पर दबाव बनाया जा सके।

अमेरिका किन जहाजों को रोकेगा और क्या सामान जब्त होगा?

पेंटागन और जनरल डैन केन ने बताया कि अब उन सभी जहाजों की जांच और जब्ती की जाएगी जो ईरान से जुड़े हैं। सेना ने सामान को दो हिस्सों में बांटा है। हथियार, गोला-बारूद और मिलिट्री Equipment को पूरी तरह प्रतिबंधित माना गया है। वहीं तेल, लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सामानों को तब जब्त किया जाएगा जब वे मिलिट्री के काम आने वाले होंगे। यह नियम सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा जो ईरानी बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं।

ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी और हालिया कार्रवाई

23 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ की शुरुआत की। इसके तहत अमेरिकी नौसेना ने M/V Touska और M/T Tifani जैसे जहाजों को पकड़ा है। भारत, मलेशिया और श्रीलंका के पास से भी तीन ईरानी टैंकरों को उनके रास्ते से हटाकर रोका गया। दूसरी तरफ ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में दो विदेशी जहाजों को पकड़ा और एक पर फायरिंग की।

ब्लॉकड और जांच के नियम क्या हैं?

  • ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 से शुरू हुई थी।
  • जहाजों की जांच दुनिया के किसी भी तट या तट से दूर समुद्र में की जा सकती है।
  • भोजन और दवाइयों जैसे मानवीय सामान की अनुमति है लेकिन उनकी जांच जरूर होगी।
  • अब तक अमेरिकी नौसेना ने करीब 27 जहाजों को इस नाकाबंदी के कारण रोकने में कामयाबी पाई है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com