अमेरिकी नौसेना ने एक बड़े ऑपरेशन में ईरान के तेल टैंकर M/T Stream को बीच समुद्र में ही रोक लिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी युद्धपोत USS Rafael Peralta ने की है, जो ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी का हिस्सा है। दूसरी तरफ, ईरान ने जलडमरूमध्य को खोलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे खुश नहीं हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
📰: ईरान की हालत खराब, अमेरिका की नाकाबंदी से तेल भरने की जगह खत्म, अब पाइपलाइन फटने का डर।
अमेरिकी नौसेना ने ईरानी टैंकर को कैसे रोका?
US Central Command (CENTCOM) ने सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को जानकारी दी कि उनके गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Rafael Peralta ने ईरानी झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर M/T Stream को रोका। यह टैंकर ईरान के किसी बंदरगाह की तरफ जा रहा था। अमेरिका ने इस पूरे इलाके में सख्त नाकाबंदी कर रखी है, जिसमें लगभग 10,000 सैनिक तैनात हैं। अब तक अमेरिकी सेना ने 38 जहाजों को वापस लौटने या बंदरगाह पर रुकने का आदेश दिया है।
ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव क्यों ठुकराया?
ईरान ने अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा था कि अगर सैन्य नाकाबंदी हटाई जाती है, तो वह Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोल देगा। लेकिन इस डील में परमाणु चर्चाओं को आगे के लिए टाल दिया गया था। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कहा कि परमाणु हथियारों को रोकना अमेरिका के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है और ऐसी कोई भी डील मंजूर नहीं होगी जिसमें परमाणु चर्चा न हो। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया और मौजूदा हालात क्या हैं?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की इस कार्रवाई को समुद्र में लूटपाट और समुद्री डकैती बताया है। इस संकट पर चर्चा करने के लिए ईरान के विदेश मंत्री सोमवार को रूस गए और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होता, जहाजों और बंदरगाहों की यह नाकाबंदी जारी रहेगी। जनरल Dan Caine ने भी कहा कि अमेरिकी सेना किसी भी बड़े सैन्य ऑपरेशन के लिए तैयार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
M/T Stream क्या है और इसे किसने रोका?
M/T Stream ईरान का एक कच्चे तेल का टैंकर है, जिसे 26 या 24 अप्रैल 2026 को अमेरिकी युद्धपोत USS Rafael Peralta ने रोका ताकि यह ईरानी बंदरगाह तक न पहुँच सके।
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी क्यों की है?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के अनुसार, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की मुख्य प्राथमिकता है, इसलिए यह सैन्य घेराबंदी की गई है।