अमेरिका से मानवाधिकार संगठनों की मांग, हिरासत में बंद फिलिस्तीनी-अमेरिकी छात्रा समा साफी की रिहाई के लिए करें दखल.

दुनियाभर के सौ से ज्यादा मानवाधिकार और धार्मिक संगठनों ने अमेरिका के बड़े नेता सीनेटर मार्को रुबियो को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने 20 साल की फिलिस्तीनी-अमेरिकी छात्रा Sama Safi की रिहाई के लिए तुरंत दखल देने की अपील की है। समा साफी मनोविज्ञान की छात्रा हैं और उन्हें इजरायली सेना ने गिरफ्तार किया था। वह पिछले 76 दिनों से ज्यादा समय से हिरासत में बंद हैं और उनके परिवार को इस बात की बहुत चिंता सता रही है।
घर पर छापेमारी के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
यह घटना 2 जून 2026 की है जब इजरायली सैनिकों ने वेस्ट बैंक स्थित उनके परिवार के घर पर छापा मारा था। इस छापेमारी के दौरान ही समा साफी को हिरासत में ले लिया गया था। काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस और इंस्टीट्यूट फॉर मिडिल ईस्ट अंडरस्टैंडिंग समेत कई बड़े संगठनों ने इस मामले में चिंता जताई है। इन संगठनों का कहना है कि समा साफी एक गंभीर और पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं। जेल में सही इलाज न मिलने की वजह से उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है और उन्हें अंगों के खराब होने का भी खतरा है।
वकील और अधिकारियों का पक्ष
इजरायली सैन्य अधिकारियों का आरोप है कि समा साफी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के कामों में शामिल थीं। हालांकि उनकी वकील Lea Tsemel ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि समा साफी के खिलाफ अदालत में कोई भी औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है और न ही उनका किसी अवैध संगठन से कोई लेना-देना है। अमेरिका के विदेश विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें इस गिरफ्तारी की पूरी जानकारी है और वे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि निजता के नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया है।
अमेरिकी सांसदों का भी मिल रहा है समर्थन
इस मामले में अमेरिका के कई जाने-माने सांसद भी खुलकर सामने आ गए हैं। सीनेटर Chris Van Hollen और प्रतिनिधि Ayanna Pressley समेत कई नेताओं ने समा साफी की तुरंत रिहाई की मांग की है। इन नेताओं का कहना है कि गिरफ्तारी के समय सही सबूत नहीं मिले थे और जेल के अंदर हालात बहुत खराब हैं जो मानवाधिकारों के खिलाफ हैं। संगठन लगातार अमेरिका सरकार पर दबाव बना रहे हैं ताकि वह अपनी नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके और उन्हें जल्द से जल्द इजरायली हिरासत से बाहर निकाल सके।