स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में एक मालवाहक जहाज पर बड़ा हमला हुआ है, जिसकी जांच अमेरिका ने शुरू कर दी है। 25 जून 2026 की शाम को ओमान के तट के पास सिंगापुर के झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले के पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ है और जहाज पर ईरानी ड्रोन से हमला किया गया है।

🚨: Saudi Arabia: रियाद और मक्का में होगा बड़ा विकास, 26 अरब रियाल से ज़्यादा का निवेश, सड़कों और इमारतों की बदलेगी सूरत

यह घटना गुरुवार, 25 जून 2026 को स्थानीय समय के अनुसार शाम 5:40 बजे हुई। प्रभावित जहाज का नाम ‘एवर लवली’ (Ever Lovely) है, जो सिंगापुर का एक कंटेनर जहाज है। हमले के दौरान जहाज के दाहिने हिस्से पर एक अज्ञात गोला आकर गिरा, जिससे उसके ब्रिज को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचा है। यह हमला ओमान के दाहित (Dahit) से लगभग 7.5 समुद्री मील दूर ओमान तट के पास हुआ।

यह जहाज एक नए रूट का उपयोग कर रहा था जिसे संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी यानी इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) और ओमान के अधिकारियों ने तैयार किया था। इसी बीच, ईरान की सेना IRGC ने चेतावनी जारी की है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से सुरक्षित गुजरने के लिए केवल तेहरान द्वारा तय किए गए रास्तों का ही इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसके लिए ईरान की मंजूरी जरूरी होगी। ईरान ने दूसरे रास्तों को बेहद खतरनाक बताया है और कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी खाड़ी यात्रा के दौरान साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी एक देश के नहीं हैं। उन्होंने ईरान द्वारा टैक्स वसूलने की कोशिशों को खारिज कर दिया और कहा कि अगर ईरान जहाजों को रोकता है या उन्हें धमकी देता है, तो यह एक बड़ी समस्या होगी। इस हमले के बाद, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी IMO ने फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकालने की अपनी योजना को फिलहाल रोक दिया है। संगठन के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि नाविकों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। इस तनाव की वजह से खाड़ी से निकलने वाले कई तेल टैंकरों ने भी अपने रास्ते बदल लिए हैं या वे वापस लौट गए हैं।