अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक 14-पॉइंट्स के समझौते (MoU) पर वर्चुअल तरीके से साइन किए हैं। इस फैसले से दोनों देशों के बीच चल रही दुश्मनी खत्म होगी और दुनिया भर के व्यापार के लिए जरूरी Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा। यह समझौता 18 जून 2026 को लागू हुआ है।

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समझौते की मुख्य बातें

इस समझौते के तहत अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य ऑपरेशन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। राष्ट्रपति Trump ने 17 जून 2026 को पेरिस के Versailles में G7 समिट के बाद इस दस्तावेज पर साइन किए थे। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी अपनी सहमति दी। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि इस समझौते का असर तुरंत होगा। इसके तहत अमेरिका अपनी नेवल ब्लॉकेड (समुद्री नाकाबंदी) को हटा लेगा और ईरान तुरंत Strait of Hormuz को जहाजों के लिए खोल देगा।

आने वाले 60 दिनों का प्लान

दोनों देशों ने तय किया है कि अब अगले 60 दिनों तक बातचीत चलेगी। इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों (Sanctions) को हटाने के लिए एक फाइनल एग्रीमेंट तैयार किया जाएगा।

  • Strait of Hormuz: शुरुआत के 60 दिनों तक यहाँ से गुजरने वाले जहाजों को कोई फीस नहीं देनी होगी, लेकिन इसके बाद ईरान ट्रांजिट फीस वसूलना शुरू करेगा।
  • परमाणु स्टॉकपाइल: अमेरिका ने कहा है कि ईरान को अपने यूरेनियम स्टॉक पर काम करना होगा, जिसके बदले में उसे आर्थिक राहत दी जाएगी।

अधिकारियों ने क्या कहा

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि अगर इस समझौते की सभी शर्तें पूरी होती हैं, तो यह देश के लिए गर्व की बात होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान के सभी बड़े फैसले सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei की मंजूरी के बाद ही लिए जाते हैं।

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस समझौते का मकसद Strait of Hormuz को तुरंत खोलना और ईरान के यूरेनियम स्टॉक की समस्या को हल करना है। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने पुष्टि की कि समझौता साइन हो चुका है, लेकिन ईरान की रक्षा क्षमताओं पर कोई बात नहीं होगी।

पृष्ठभूमि

यह समझौता फरवरी 2026 में शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद हुआ है, जिसमें अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। इससे पहले 14 जून 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरानी संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने इस पर डिजिटल साइन किए थे।