अमेरिका और ईरान के बीच सालों से चल रही तनातनी अब खत्म हो सकती है। दोनों देश एक 14 पॉइंट के शुरुआती समझौते के करीब हैं जिससे युद्ध रुक जाएगा और बातचीत का रास्ता खुलेगा। अगर यह डील पक्की होती है, तो अगले 30 दिनों के लिए बातचीत की एक खिड़की खुलेगी जिससे दुनिया में शांति लौट सकती है।

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14 पॉइंट के समझौते में क्या शर्तें शामिल हैं?

इस एक पेज के समझौते में दोनों देशों ने कुछ बड़ी बातें मानी हैं। ईरान ने अपनी परमाणु गतिविधियों को रोकने का वादा किया है। इस डील के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • परमाणु कार्यक्रम: ईरान कम से कम 12 से 15 साल तक परमाणु संवर्धन (nuclear enrichment) पर रोक लगाएगा।
  • सीमा: ईरान केवल 3.67% तक ही संवर्धन कर सकेगा जो केवल नागरिक इस्तेमाल के लिए होगा।
  • निरीक्षण: ईरान परमाणु हथियार न बनाने की कसम खाएगा और कड़ी जांच के लिए तैयार रहेगा।
  • अमेरिका की शर्त: बदले में अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाएगा और ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति वापस करेगा।
  • समुद्री रास्ता: दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव कम करने और जहाजों की आवाजाही आसान बनाने पर काम करेंगे।

बातचीत में किन देशों का रोल है और मीटिंग कहां होगी?

इस बड़े समझौते को करवाने में कुछ अन्य देशों की अहम भूमिका रही है। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संदेश भेजने वाले बिचौलिए के तौर पर काम किया है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बीजिंग में मुलाकात की और चीन को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताया।

खबरों के मुताबिक, आगे की बातचीत इस्लामाबाद या जेनेवा में हो सकती है। इस शांति प्रक्रिया को जगह देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम के नौसेना मिशन को भी कुछ समय के लिए रोक दिया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए था।

क्या यह डील पूरी तरह पक्की हो चुकी है?

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश इस समय समझौते के सबसे करीब हैं, लेकिन अभी तक किसी चीज़ पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले कहा था कि ईरान ने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि उनके प्रतिनिधि ईरान के नेताओं के साथ सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं।

तेहरान के अंदरूनी मतभेदों के कारण अधिकारी अभी भी सावधान हैं। ईरान ने 2 मई 2026 को अपना 14 पॉइंट का जवाब अमेरिका को भेजा था और अब वे अमेरिकी प्रतिक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं। व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में ईरान की तरफ से अहम बिंदुओं पर जवाब मिल जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान परमाणु संवर्धन की कितनी सीमा तक अनुमति पाएगा?

समझौते के तहत ईरान को केवल 3.67% तक परमाणु संवर्धन की अनुमति होगी, जिसका उपयोग केवल नागरिक कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

अमेरिका बदले में ईरान को क्या देगा?

अमेरिका ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति उसे वापस करेगा।

शांति वार्ता के लिए किन शहरों के नाम सामने आए हैं?

इस समझौते के बाद होने वाली बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद या स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर का नाम सामने आया है।