अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के बीच 45 दिन के अस्थायी संघर्ष-विराम (Ceasefire) को लेकर बातचीत का नया दौर शुरू हुआ है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य मौजूदा तनाव को कम करना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को इस समझौते पर पहुंचने के लिए मंगलवार शाम 8 बजे तक का समय दिया है। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब मिडिल ईस्ट में बड़े टकराव का खतरा बढ़ता जा रहा है और पाकिस्तान, तुर्की जैसे देश इसमें मध्यस्थता कर रहे हैं।

क्या है 45 दिन का शांति प्रस्ताव और मुख्य शर्तें

इस शांति प्रस्ताव को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 45 दिनों के लिए युद्ध को पूरी तरह रोका जाएगा। इसी समय के दौरान दोनों पक्ष स्थायी समाधान के लिए बातचीत करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो इस 45 दिन की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। दूसरे चरण में एक स्थायी समझौते पर हस्ताक्षर होंगे जिससे इस लंबे संघर्ष का अंत हो सके। हालांकि ईरान ने अभी अमेरिका से सीधे बात करने से मना किया है और वह केवल मध्यस्थों के जरिए ही संदेश भेज रहा है।

ट्रंप की चेतावनी और ईरान की क्या है बड़ी मांग

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर 7 अप्रैल की शाम तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के ऊर्जा केंद्रों और पुलों पर बड़े हमले किए जा सकते हैं। मध्यस्थों ने ईरानी अधिकारियों को बता दिया है कि उनके पास सोचने के लिए अब और समय नहीं बचा है। ईरान ने अपनी शर्तों के बारे में जानकारी देते हुए कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से फिर से खोला जाए।
  • ईरान के संवर्धित यूरेनियम स्टॉक का समाधान निकाला जाए।
  • भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ सुरक्षा की गारंटी मिले।
  • ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के अधिकार को मान्यता दी जाए।

हाल के घटनाक्रमों में इजरायल के हाइफा शहर पर भी मिसाइल हमले हुए हैं जिससे तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस भी मध्यस्थों के जरिए संपर्क में हैं। अगले 48 घंटे क्षेत्र की शांति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि ट्रंप ने तेल के कुओं पर कब्जा करने तक की चेतावनी दे दी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.