अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बड़ा समझौता होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच 60 दिनों के युद्धविराम समझौते का मसौदा लगभग तैयार हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, 24 मई 2026 को इस समझौते का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) तुरंत खुल जाएगा जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई आसान होगी और बाजार में जारी तनाव कम होगा।

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इस 60 दिनों के समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?

यह समझौता काम के बदले राहत के कूटनीतिक नियम पर आधारित है। इसका मतलब है कि ईरान द्वारा कदम उठाए जाने के बाद ही उसे आर्थिक राहत दी जाएगी। समझौते की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: ईरान को तुरंत अपने समुद्री टोल वसूलने बंद करने होंगे और जलमार्ग से बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना होगा।
  • अमेरिकी नाकाबंदी में ढील: इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा और ईरान को कच्चे तेल के निर्यात के लिए कुछ प्रतिबंधों में ढील देगा।
  • परमाणु कार्यक्रम पर रोक: ईरान परमाणु हथियार न बनाने और अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को रोकने के लिए बातचीत करने पर सहमत हुआ है।

वैश्विक नेताओं और अधिकारियों का इस पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि इस समझौते पर बातचीत काफी हद तक पूरी हो चुकी है, हालांकि उन्होंने अच्छे समझौते की संभावना को पचास-पचास बताया है। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी पुष्टि की है कि युद्ध को समाप्त करने के पहले चरण के रूप में इस समझौते पर चर्चा चल रही है।

इस कूटनीतिक पहल को पाकिस्तान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, मिस्र और तुर्की जैसे देशों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने समझौते की कुछ शर्तों, विशेष रूप से लेबनान में हिजबुल्लाह संघर्ष से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इस समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आएगी?

हां, समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने और ईरान के कच्चे तेल पर से कुछ पाबंदियां हटने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी, जिससे कीमतों में राहत मिल सकती है।

इस समझौते में कौन-कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

इस कूटनीतिक समझौते में पाकिस्तान केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, मिस्र और तुर्की भी इस शांति प्रयास का समर्थन कर रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.