अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी कोशिश की गई है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच जंग रोकने यानी सीजफायर को अगले 60 दिनों तक बढ़ाने के लिए एक सहमति पत्र (MoU) पर बातचीत पूरी हुई है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत का रास्ता साफ करना है, ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा की जा सके। हालांकि, इस समझौते को लागू करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

समझौते की मुख्य शर्तें और होर्मुज जलडमरूमध्य का नया नियम

इस प्रस्तावित समझौते के तहत दोनों देशों ने कई बड़ी शर्तों पर सहमति जताई है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टैक्स या टोल के जहाजों की आवाजाही के लिए तुरंत खोला जाएगा। इसके साथ ही ईरान को 30 दिनों के भीतर इस क्षेत्र से अपनी सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना होगा। इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाने और ईरान के फंसे हुए पैसों को जारी करने पर विचार करेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस पर कहा है कि हम अभी पूरी तरह वहां नहीं पहुंचे हैं, लेकिन बहुत करीब हैं और काम जारी रखेंगे।

कुवैत पर मिसाइल हमला और अमेरिका की सख्त चेतावनी

इस शांति समझौते की खबरों के बीच सीमा पर तनाव भी देखा गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 28 मई 2026 को ईरान ने कुवैत की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें हवा में ही मार गिराया गया। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पांच ड्रोन भी रोके गए। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ किया है कि ईरान को परमाणु हथियार न बनाने और अपने समृद्ध यूरेनियम को सौंपने जैसी अमेरिकी शर्तों को मानना ही होगा, तभी प्रतिबंधों में राहत दी जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर समझौते को मंजूरी दे दी है?

नहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इस समझौते को मंजूरी नहीं दी है और उन्होंने इस पर विचार करने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा है।

समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या फैसला हुआ है?

समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के जहाजों के लिए खोला जाएगा और ईरान को 30 दिनों के भीतर अपनी सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटानी होंगी।