अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के लिए बातचीत आगे बढ़ी है। दोनों देशों के वार्ताकारों के बीच 60 दिनों के एक समझौते (MOU) पर सहमति बन गई है, लेकिन इस पर आखिरी मुहर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगनी अभी बाकी है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है क्योंकि हाल ही में कुवैत पर हमले की खबरें आई हैं। ट्रंप ने साफ किया है कि वह ईरान के प्रस्तावों से पूरी तरह खुश नहीं हैं और समझौता करने की कोई जल्दी नहीं है।

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समझौते के मसौदे में क्या हैं मुख्य बातें?

इस 60 दिनों के समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच युद्धविराम को बढ़ाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की शुरुआत करना है। समझौते के मसौदे में कुछ महत्वपूर्ण बातें तय की गई हैं:

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर इस मार्ग से सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना होगा।
  • प्रतिबंधों से राहत: अमेरिका इस 60 दिनों के दौरान प्रतिबंध हटाने और ईरान की रोकी गई संपत्तियों को जारी करने पर बातचीत के लिए सहमत हुआ है। हालांकि, वास्तविक राहत अंतिम समझौते के बाद ही लागू होगी।
  • परमाणु कार्यक्रम पर रोक: ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमत होगा और उसके यूरेनियम स्टॉक को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी।

ट्रंप का बयान और खाड़ी देशों में सैन्य तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 मई 2026 को स्पष्ट किया कि वह ईरान के इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि हालांकि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन यदि कूटनीति विफल रहती है तो अमेरिका के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टैक्स के पूरी तरह खोलने की बात पर आपत्ति जताई है और वह जहाजों से टैक्स वसूलने की मांग कर रहा है।

इसी हफ्ते अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिसके बाद ईरान की तरफ से कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इस हमले की कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कड़ी आलोचना की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप से लागू हो गया है?

नहीं, अभी केवल 60 दिनों के एक मसौदे (MOU) पर सहमति बनी है। इसे पूरी तरह लागू करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर क्या विवाद है?

समझौते के तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के व्यापारिक जहाजों के लिए खोला जाना है, लेकिन ईरान का विदेश मंत्रालय इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की बात कह रहा है।