अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 91वें दिन एक बड़ी राहत की खबर आ रही है। दोनों देश 60 दिनों के एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और परमाणु विवाद पर बातचीत शुरू करना है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इस समझौते को आखिरी मंजूरी नहीं दी है और ईरान की तरफ से भी पूरी सहमति का इंतजार है, लेकिन इस पहल से खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है।
क्या है 60 दिनों का यह समझौता और क्या हैं इसकी शर्तें?
इस प्रस्तावित समझौते के तहत दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए संघर्षविराम को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान व्यापारिक गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
- होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना: इसके तहत जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से बिना किसी रोक-टोक और टैक्स के शुरू की जाएगी। इसके लिए ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना होगा।
- प्रतिबंधों से राहत: व्यापारिक जहाज दोबारा शुरू होने पर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा और ईरान को उसके फ्रीज किए गए पैसों को रिलीज करने पर बातचीत होगी।
- परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत: इस 60 दिनों की अवधि का इस्तेमाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत करने के लिए किया जाएगा, जिसमें संवर्धित यूरेनियम के भंडार को सीमित करने पर सहमति बनाई जाएगी।
अमेरिकी और ईरानी नेतृत्व की इस पर क्या है प्रतिक्रिया?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी सहमति बनी है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस पर सोचने के लिए थोड़ा समय चाहते हैं और वह अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह के टैक्स सिस्टम को स्वीकार नहीं किया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाही ने कहा कि कई मुद्दों पर समझ बनी है, लेकिन समझौता अभी अंतिम रूप में नहीं पहुंचा है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी रिपोर्ट दी है कि समझौते के मसूदे को अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
तनाव के बीच कुवैत ने इंटरसेप्ट की मिसाइलें
समझौते की बातचीत के बीच जमीनी स्तर पर तनाव भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में कुवैत ने ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने खाड़ी देश में स्थित अमेरिकी ठिकाने पर जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। अमेरिका ने भी ईरान के सैन्य तेल बेचने पर नए प्रतिबंध लगाए हैं और सुरक्षा को देखते हुए हवाई हमले किए हैं। इस समझौते से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरी तरह फाइनल हो गया है?
नहीं, अभी यह एक अस्थायी समझौता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की सरकार ने इसे अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं दी है और मसौदे पर बातचीत जारी है।
समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या नियम तय हुए हैं?
समझौते के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन पूरी तरह मुक्त रहेगा, कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा और ईरान को 30 दिनों के भीतर वहां से अपनी समुद्री बारूदी सुरंगें हटानी होंगी।