अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, दोनों देश एक-दूसरे पर सैन्य हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। इस अस्थायी समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी लड़ाई को रोकना और बातचीत का रास्ता साफ करना है। आगे की चर्चा के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में एक अहम बैठक करेंगे।
🚨: US-Iran War: समझौता हुआ फिर भी शुरू हुए हमले, कुवैत और बहरीन में भी गिरे मिसाइल और ड्रोन।
दोहा में होगी बड़ी बैठक, इन मुद्दों पर होगी बात
यह बैठक दोहा में मंगलवार को होने जा रही है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रहे विवादों को सुलझाना है। इस बातचीत में सबसे मुख्य मुद्दा Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोलने और ईरान के तेल निर्यात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना है। इस समझौते के तहत व्यापक परमाणु वार्ता के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों के बयान और चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया है कि अंतिम समझौते में अभी कुछ दिनों का समय लग सकता है, लेकिन बातचीत के लिए एक मजबूत प्रस्ताव मेज पर है। उन्होंने कहा कि या तो एक अच्छा समझौता होगा या फिर इस मामले से दूसरे तरीके से निपटना होगा। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान को किसी भी संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया कि ईरान को अपने फ्रीज किए गए पैसों का इस्तेमाल केवल अमेरिकी सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थों को खरीदने के लिए करना होगा।
ईरान का रुख और पहले के प्रयास
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf दोहा और स्विट्जरलैंड में हो रही वार्ताओं में शामिल रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि हालांकि बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन अभी किसी आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर करना जल्दबाजी होगी। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो सप्ताह का संघर्षविराम हुआ था, जिसे बाद में आगे बढ़ाया गया था। जून में भी 60 दिनों के नए नियमों पर सहमति बनी थी।
