अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन इस समझौते की राह में एक बड़ा रोड़ा सामने आया है. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खमेनेई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ कोई भी समझौता तभी आगे बढ़ेगा जब विदेशों में फ्रीज पड़े ईरान के 24 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे. इस विवाद को सुलझाने में कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसके पास इस फंड का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित है.

ईरान की क्या है मांग और पैसा कहां फंसा है?

ईरान ने अमेरिका के सामने बहुत स्पष्ट शर्त रखी है कि बातचीत को आगे बढ़ाने से पहले उसके फ्रीज किए गए फंड को रिलीज किया जाए. ईरान ने इसके लिए एक खास योजना का प्रस्ताव दिया है. ईरान चाहता है कि पहले सद्भावना के रूप में आधा पैसा तुरंत जारी किया जाए और बाकी का पैसा समझौता होने के बाद मिले. यह सारा पैसा अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के कारण अलग-अलग देशों में रुका हुआ है.

फंड का विवरण राशि और स्थिति
कुल फ्रीज फंड जिसकी मांग हो रही है 24 अरब डॉलर (24 Billion USD)
तुरंत रिलीज करने की मांग 12 अरब डॉलर (12 Billion USD)
समझौते के 60 दिन बाद की मांग 12 अरब डॉलर (12 Billion USD)
मुख्य बैंक खाते जहां पैसा जमा है कतर, चीन, भारत और इराक
ईरान का कुल वैश्विक फ्रीज फंड 100 अरब डॉलर से अधिक

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के रुख में क्या है नया मोड़?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जून 2026 को बयान दिया कि अगर बातचीत से कोई ठोस समझौता निकलता है, तो वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खमेनेई से मिलने के लिए तैयार हैं और ऐसा करना उनके लिए सम्मान की बात होगी. हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना किसी औपचारिक समझौते के प्रतिबंधों में ढील या फंड की सीधी निकासी संभव नहीं होगी. दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने इस मुलाकात के प्रस्ताव पर व्यावहारिक रवैया अपनाने की सलाह दी है और पुष्टि की है कि मुजतबा खमेनेई इस समय देश के शासन पर पूरा नियंत्रण रखते हैं.

मुजतबा खमेनेई की नई भूमिका और उनका कड़ा रुख

फरवरी 2026 में अमेरिकी-इजरायली हमलों में अली खमेनेई की मौत के बाद, मार्च 2026 में मुजतबा खमेनेई ईरान के तीसरे सुप्रीम लीडर बने हैं. उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत को मंजूरी तो दे दी है, लेकिन उनका रुख बेहद सख्त है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि खाड़ी देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे और अमेरिका क्षेत्र में खुद को सुरक्षित न समझे. ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबाफ भी कतर में हुई वार्ताओं के दौरान लगातार इस फंड को रिलीज कराने का दबाव बना रहे हैं.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.