अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत में एक नया मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच समझौता लगभग तय हो चुका है, लेकिन इसके 24 घंटे के भीतर ही ईरान ने अमेरिका पर पीछे हटने का आरोप लगाया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान का कहना है कि वाशिंगटन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी सहमति से पीछे हट गया है और इस वजह से समझौता अभी रुका हुआ है।

समझौते में किन मुख्य बातों पर चल रही है चर्चा

दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बातचीत चल रही है। इन मुख्य मुद्दों को आम लोग इस तरह समझ सकते हैं:

  • अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को आधिकारिक तौर पर समाप्त करना।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को हटाना।
  • ईरान को प्रतिबंधों में छूट देकर फिर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की अनुमति देना।
  • पाकिस्तान में जून से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत शुरू करना, जिसके तहत ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के भंडार को कम करने पर सहमत हो सकता है।
  • लेबनान में इसराइल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच जारी युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करना।

ईरान ने अमेरिका पर क्यों लगाया पीछे हटने का आरोप

तेहरान का दावा है कि अमेरिका अपनी पहले की सहमति से पीछे हट रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरानी संपत्तियों को जारी करने और लेबनान में युद्धविराम के दायरे को स्पष्ट करने से हिचकिचा रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि दोनों देश समझौते के करीब हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। ईरान का कहना है कि जब तक सभी शर्तों पर पूरी गारंटी नहीं मिलेगी, वह समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक समझौता पूरी तरह से फाइनल और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने अपने अधिकारियों से बातचीत में जल्दबाजी न करने को भी कहा है। इस बीच, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इस समझौते के बावजूद इसराइल अपनी सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता रद्द हो गया है?

नहीं, समझौता रद्द नहीं हुआ है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता अभी भी जारी है, हालांकि कुछ प्रमुख बिंदुओं पर असहमति के कारण इसमें देरी हो रही है।

इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका कौन निभा रहा है?

पाकिस्तान, कतर, ओमान और सऊदी अरब जैसे देश इस समझौते को कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.