अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संभावित समझौते का अंतिम ड्राफ्ट तैयार हो गया है और इसकी घोषणा कुछ ही घंटों में की जा सकती है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस मामले में प्रगति की बात स्वीकार की है, लेकिन साथ ही उन्होंने सावधानी बरतने की सलाह भी दी है और कहा है कि अगर बातचीत नाकाम होती है तो अमेरिका के पास दूसरे रास्ते भी खुले हैं।

ℹ️: US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर आई बड़ी खबर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी अहम जानकारी

समझौते के ड्राफ्ट में क्या-क्या शर्तें शामिल हैं?

अल अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार, तैयार किए गए समझौते के मसौदे में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं:

  • पूर्ण युद्धविराम: जमीन, हवा और समुद्र में तुरंत और बिना किसी शर्त के पूरी तरह से युद्धविराम लागू किया जाएगा।
  • हमलों पर रोक: दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य, नागरिक या आर्थिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
  • नेविगेशन की आजादी: अरब की खाड़ी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित और स्वतंत्र रहेगी।
  • प्रतिबंधों में ढील: यदि ईरान समझौते की शर्तों का पालन करता है, तो अमेरिका उसके ऊपर लगे प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाना शुरू करेगा।
  • सहमति तंत्र: समझौते को लागू करने और किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए एक संयुक्त निगरानी तंत्र का गठन किया जाएगा।

अमेरिका और ईरान के बीच किन बातों पर फंसा है पेंच?

दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे तो बढ़ी है, लेकिन अभी भी कुछ प्रमुख मुद्दों पर असहमति बनी हुई है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी प्रस्तावों ने दोनों देशों के बीच की दूरी को कम किया है, लेकिन शर्तें अभी भी काफी सख्त हैं।

अमेरिका की शर्तों के अनुसार, ईरान का केवल एक परमाणु ठिकाना ही चालू रहना चाहिए और उसे अपना 400 किलोग्राम यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा। साथ ही अमेरिका अभी ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर, ईरान चाहता है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध रुके, उसके सारे फ्रीज फंड वापस मिलें और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी संप्रभुता को मान्यता दी जाए।

सबसे बड़ा विवाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल टैक्स लगाने की ईरान की योजना को लेकर है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि अगर ईरान जहाजों पर टोल वसूलने की कोशिश करेगा, तो कोई भी कूटनीतिक समझौता संभव नहीं हो पाएगा।

इस बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका और आगे की प्रक्रिया

इस पूरी बातचीत को सफल बनाने में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर इस मध्यस्थता के सिलसिले में तेहरान का दौरा कर चुके हैं।

इसके अलावा, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी अंतिम समझौते को मंजूरी के लिए अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश करना अनिवार्य होगा। फिलहाल इस बातचीत के सकारात्मक नतीजों की उम्मीद में बाजार में भी हलचल तेज हो गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पक्का हो गया है?

अभी केवल समझौते का ड्राफ्ट तैयार हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बातचीत में प्रगति की बात कही है, लेकिन अंतिम सहमति और घोषणा होना अभी बाकी है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या विवाद चल रहा है?

ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना पूरा नियंत्रण और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स वसूलने की मांग कर रहा है, जिसे अमेरिका ने नामंजूर कर दिया है।

इस समझौते में पाकिस्तान क्या काम कर रहा है?

पाकिस्तान इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष रूप से बातचीत कराने और मध्यस्थ की भूमिका निभाने का काम कर रहा है।