अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता होने की चर्चा गर्म है, लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के एक सीनियर सूत्र ने दावा किया है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को देश से बाहर भेजने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि समझौता लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका ऐलान किया जाएगा।

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ईरान और अमेरिका के दावों में क्यों है इतना बड़ा अंतर?

इस पूरे मामले में दोनों देशों की तरफ से अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि परमाणु मुद्दा इस शुरुआती समझौते का हिस्सा नहीं है और इस पर अंतिम समझौते के दौरान ही बात होगी। दूसरी तरफ, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को छोड़ने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन इसके तरीकों पर अभी बात होनी बाकी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि पिछले 48 घंटों में बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा।

इस समझौते के मसौदे में क्या-क्या शामिल है?

इस नए समझौते के मसौदे में कई बड़ी बातें शामिल हैं जो इस प्रकार हैं:

  • क्षेत्रीय शांति: इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रही लड़ाइयों को पूरी तरह से रोकना है।
  • हॉर्मुज़ जलडमरू (Strait of Hormuz): इस समझौते के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाएगा ताकि व्यापार सामान्य हो सके।
  • फ्रीज की गई संपत्ति: ईरान की जो संपत्ति विदेशों में रोकी गई है, उसे वापस जारी करने पर सहमति बन सकती है।
  • परमाणु वार्ता का समय: परमाणु मुद्दों पर बातचीत के लिए 30 से 60 दिनों का समय तय किया गया है।

ईरान के सुप्रीम लीडर का क्या है आदेश?

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहले ही साफ निर्देश दिया था कि देश का यूरेनियम किसी भी स्थिति में बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी स्पष्ट किया है कि सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना इस मुद्दे पर कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी कहा था कि परमाणु संवर्धन ईरान का अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। इस बातचीत को सफल बनाने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सैन्य प्रमुख असीम मुनीर और कतर के मध्यस्थ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान अपना परमाणु यूरेनियम बाहर भेजने के लिए तैयार है?

ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, ईरान ने अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को देश से बाहर भेजने पर कोई सहमति नहीं दी है, जबकि अमेरिकी अधिकारी इसके विपरीत दावा कर रहे हैं।

अमेरिका-ईरान समझौते में मध्यस्थता कौन कर रहा है?

इस बातचीत को सफल बनाने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सैन्य प्रमुख असीम मुनीर और कतर के मध्यस्थ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com