अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। इस बड़े बदलाव की उम्मीद में वैश्विक बाजारों में हलचल शुरू हो गई है, जहां कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और सोने के दाम में मामूली बढ़त देखी गई है। सऊदी अरब के मीडिया संस्थान अखबार 24 ने 29 मई 2026 को इस घटनाक्रम की जानकारी दी है। इस समझौते से खाड़ी क्षेत्र सहित दुनिया भर के बाजारों पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में क्या-क्या शर्तें शामिल हैं?

दोनों देशों के बीच हुए शुरुआती समझौते के तहत 60 दिनों के लिए सीजफायर बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए सिरे से बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इस शुरुआती समझौते के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
  • ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जताई है और अपने यूरेनियम स्टॉक पर बातचीत के लिए सहमति दी है।
  • इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने और उसकी संपत्तियों को अनफ्रीज करने पर चर्चा करेगा।

इस संभावित समझौते पर कब तक लग सकती है अंतिम मुहर?

इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 24 मई 2026 को बताया था कि समझौते को लेकर काफी अच्छी प्रगति हुई है। वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए दोनों देशों से सीजफायर का पूरी तरह पालन करने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कब तक फाइनल हो सकता है?

रिपोर्ट्स के अनुसार यह समझौता लगभग 95 प्रतिशत फाइनल हो चुका है। अब इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सुप्रीम लीडर की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।

इस समझौते का सोने और कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर हुआ है?

समझौते की खबरों के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी देखी गई है।