अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गंभीर तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक बड़ा समझौता होने की उम्मीद जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि जब तक उसके जब्त किए गए पैसे वापस नहीं मिलते, तब तक बात आगे बढ़ना मुश्किल है। वहीं, पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान पहुंचकर इस बातचीत को सफल बनाने के लिए खास संदेश सौंपे हैं।
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पाकिस्तान की मध्यस्थता और तेहरान में अहम बैठक
पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी 6 जून को तेहरान पहुंचे और उन्होंने 7 जून 2026 को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाना था। मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का लिखित संदेश और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक विशेष पत्र ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को सौंपा है। पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए लगातार नए प्रस्ताव दे रहा है।
ट्रंप की कड़ी शर्त और ईरान की मांगें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि समझौता होने के करीब है, लेकिन प्रतिबंधों में कोई भी ढील पहले नहीं दी जाएगी। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान का व्यवहार अच्छा रहेगा, तो ही समझौते के बाद प्रतिबंधों से राहत दी जाएगी। इसके अलावा, ट्रंप ने ईरान के यूरेनियम स्टॉक को नष्ट करने की बात भी कही है। दूसरी तरफ, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने मांग रखी है कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही ईरान की जब्त संपत्ति का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा तुरंत जारी किया जाए और बाकी का पैसा एक से दो महीने में मिले।
तनाव के बीच समझौते की राह कितनी आसान?
अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष अब 100 दिनों से अधिक समय से चल रहा है। पाकिस्तान ने इससे पहले 8 अप्रैल को एक अस्थायी युद्धविराम कराया था, जो बाद में टूट गया था। वर्तमान में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और इजरायल को अमेरिकी समर्थन के कारण अमेरिकी ठिकाने ईरान के निशाने पर हैं। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप के दावों के बावजूद समझौता अभी इतनी जल्दी होने की उम्मीद नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पक्का हो गया है?
अभी समझौता पूरी तरह तय नहीं हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश समझौते के बहुत करीब हैं, लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि डील अभी उतनी करीब नहीं है जितनी दिखाई जा रही है।
पाकिस्तान इस मामले में क्या भूमिका निभा रहा है?
पाकिस्तान इस विवाद में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान जाकर ईरानी नेतृत्व को पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख का विशेष संदेश सौंपा है।
ईरान की मुख्य मांग क्या है?
ईरान की मांग है कि किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर होते ही उसकी जब्त की गई संपत्तियों का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा तुरंत जारी किया जाए और बाकी का हिस्सा एक से दो महीने के भीतर मिले।
