अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर दुनिया की नजरों में है। अमेरिकी युद्ध सचिव (Secretary of War) Pete Hegseth ने ऐलान किया है कि ईरान के पास अब एक अच्छा समझौता करने का मौका है। यह बयान 24 अप्रैल 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समुद्री रास्तों पर अपना कब्जा जमाते हुए सख्त आदेश जारी किए हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की क्या शर्तें हैं?

Pete Hegseth ने ईरान को एक “good deal” का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया। अमेरिका की शर्त है कि ईरान परमाणु हथियारों का काम बंद करे, मिसाइल बनाना रोके और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारबंद समूहों की मदद करना बंद करे। अगर ईरान ऐसा करता है, तो अमेरिका उसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम का समर्थन करेगा और उस पर लगे प्रतिबंध हटाएगा।

Strait of Hormuz में ट्रंप सरकार का क्या एक्शन है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को सीधा आदेश दिया है कि Strait of Hormuz में जो भी जहाज बारूद या माइन बिछाते हुए पाया जाए, उसे तुरंत “शूट एंड किल” (गोली मारो और खत्म करो) कर दिया जाए। ट्रंप ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर अब अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। इस तनाव का असर ग्लोबल मार्केट पर भी पड़ा है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और एशियाई शेयर बाज़ारों में गिरावट आई है।

ईरान की मौजूदा स्थिति और बातचीत का क्या अपडेट है?

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खमनेई की फरवरी 2026 में मौत के बाद उनके बेटे ने जिम्मेदारी संभाली है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi जल्द ही बातचीत के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं। अमेरिकी युद्ध सचिव का दावा है कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है और ईरान अब शांति के लिए विनती कर रहा है। फिलहाल पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है ताकि एक लंबा समझौता हो सके।

Sushma Kumari

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