अमेरिका और ईरान के बीच एक नए समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव कम होता दिख रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी हटा ली है। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि उसके युद्धपोत इलाके में तैनात रहेंगे ताकि समझौते का पालन हो सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में लगी समुद्री नाकाबंदी को खत्म कर दिया है। अब ईरानी जहाजों पर लगी पाबंदियां हटा ली गई हैं, जिससे इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां फिलहाल रुक गई हैं।

अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth ने सख्त चेतावनी दी है कि अमेरिका इस समझौते के नियमों पर कड़ी नजर रखेगा। अगर ईरान ने नियमों का पालन नहीं किया, तो अमेरिका फिर से ‘आयरन ब्लॉकेड’ यानी सख्त नाकाबंदी लागू कर देगा और सैन्य अभियान दोबारा शुरू होंगे।

इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों की बातचीत का दौर शुरू हुआ है। उपराष्ट्रपति JD Vance ने कन्फर्म किया है कि यह बातचीत 18 जून 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है।

ईरान की तरफ से भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। ईरान के जलमार्ग प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि रजिस्टर्ड जहाज अब तय समय के अनुसार जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं। समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक कमर्शियल जहाजों के लिए यह रास्ता मुफ्त रहेगा और भविष्य के प्रबंधन के लिए ओमान के साथ बातचीत की जाएगी।

सऊदी अरब ने अमेरिका और ईरान के इस समझौते का स्वागत किया है। सऊदी ने समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आसान आवाजाही को जरूरी बताया है। इस समझौते को करवाने में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता की भी सराहना की गई है।

Sushma Kumari

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