अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता लगभग तय हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान के साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने को लेकर समझौता करीब-करीब पूरा हो गया है। इस समझौते के तहत इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से कोई भी टैक्स या टोल नहीं वसूला जाएगा और जहाजों को आने-जाने की पूरी आजादी होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री ने क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद ईरान के साथ समझौते पर बातचीत काफी हद तक पूरी हो चुकी है। ट्रंप ने साफ किया कि वह तभी समझौते पर दस्तखत करेंगे जब अमेरिका के सभी उद्देश्य पूरे होंगे और हॉर्मुज जलडमरूमध्य बिना किसी टोल के खुला रहेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टैक्स के खुला रखना होगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इसके लिए नहीं मानता है तो अमेरिका और उसके सहयोगियों के पास ‘प्लान बी’ भी तैयार है।
ईरान और ओमान के बीच ‘सर्विस फीस’ पर क्या चल रही है चर्चा?
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ओमान के साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को दी जाने वाली सेवाओं के बदले ‘फीस’ लेने पर चर्चा कर रहा है। इसमें ओमान को भी इस मुनाफे में हिस्सेदारी मिल सकती है। यहां यह समझना जरूरी है कि यह फीस केवल सेवाओं के लिए होगी, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस रास्ते से गुजरने के लिए ‘टोल टैक्स’ वसूलना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाता है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर ने भी इस विवाद को सुलझाने के लिए तेहरान में अहम बैठकें की हैं।
इस समझौते से खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इस समझौते की कोशिशों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा बहाल होगी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में पहले की तरह जहाजों का आना-जाना आसान हो जाएगा। इस समझौते के तहत खाड़ी देशों, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित किया जाएगा। इसके बदले में अमेरिका धीरे-धीरे ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाएगा। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां होने वाले व्यापार को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि तेल और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई बिना किसी रुकावट के हो सकेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को टैक्स देना होगा?
नहीं, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए कोई टोल या ट्रांजिट टैक्स नहीं वसूला जा सकता। हालांकि, ईरान और ओमान सेवाओं के बदले फीस लेने पर बातचीत कर रहे हैं।
इस समझौते में मध्यस्थता की भूमिका किसने निभाई है?
इस समझौते को सफल बनाने में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर ने तेहरान में ईरानी नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बातचीत कर मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
