अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है जिससे दोनों देशों के बीच चल रही लड़ाई खत्म होगी। इस डील के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का फैसला लिया गया है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में हलचल मच गई है। इस खबर के आते ही बिटकॉइन और सोने के दामों में बढ़त देखी गई, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते की पुष्टि की और ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश दिया। ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने भी इस बात को माना है, हालांकि उन्होंने साफ़ किया कि इस डील पर औपचारिक दस्तखत शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में होंगे।
पाकिस्तान और कतर ने निभाई अहम भूमिका
इस समझौते को करवाने में कतर और पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने स्विट्जरलैंड में होने वाली इस साइनिंग के बारे में जानकारी दी। यह समझौता तेहरान में करीब 14 घंटे तक चली लंबी बातचीत के बाद संभव हो पाया है।
समझौते की मुख्य बातें
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान पूरी तरह बंद होंगे।
- इसराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम लागू होगा।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को हटाने के लिए 60 दिनों तक बातचीत चलेगी।
- Strait of Hormuz को बिना किसी रोक-टोक के जहाजों के लिए खोला जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र के Secretary-General Antonio Guterres और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस फैसले का स्वागत किया है। जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता सबके लिए खुला रहना चाहिए ताकि व्यापार में दिक्कत न आए।
एनर्जी एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल और पेट्रोल की कीमतों में तुरंत बहुत बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा। इसका कारण यह है कि जहाजों की आवाजाही और रिफाइनरी को दोबारा पूरी तरह शुरू करने में कुछ महीने का समय लग सकता है।