अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर में बड़ी हलचल हुई है। अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner ने दोहा में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से मुलाकात की। इस बैठक में अमेरिका-ईरान समझौते पर चर्चा हुई, लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच अभी कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है।

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30 जून 2026 को हुई इस मुलाकात में क्षेत्रीय मुद्दों और लेबनान के संघर्ष पर भी बात हुई। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने पुष्टि की कि अमेरिकी दूत दोहा आए थे, लेकिन उन्होंने किसी भी हाई-लेवल या सीधी मीटिंग से इनकार किया। उन्होंने यह भी साफ किया कि कतर ने ईरान के 6 अरब डॉलर के जमे हुए फंड तेहरान को नहीं भेजे हैं।

वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने भी इन खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की कोई मांग नहीं की है। हालांकि, ईरानी प्रतिनिधि इस हफ्ते दोहा पहुंचेंगे ताकि अंतरिम शांति समझौते को लागू करने पर चर्चा की जा सके। ईरान का कहना है कि जब तक MOU की शर्तें पूरी नहीं होतीं, वह अमेरिका के साथ आगे की बात नहीं करेगा।

बता दें कि 17 जून को एक समझौता (MOU) हुआ था, जिसके तहत 60 दिनों के लिए युद्धविराम तय किया गया था। यह समय अगस्त के मध्य तक है। अब 1 जुलाई 2026 को कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में तकनीकी स्तर की बातचीत होने की उम्मीद है। इसमें जमे हुए फंड और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

इस पूरे मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 जून को दावा किया था कि ईरान ने मुलाकात की मांग की है, लेकिन ईरान और कतर दोनों ने इस बात को खारिज कर दिया। ईरानी मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि अगर अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता है, तो ईरान युद्ध के लिए तैयार है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.