अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की खबरें आ रही हैं जिससे पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिक गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रविवार को इस डील पर साइन हो सकते हैं, लेकिन ईरान के अधिकारियों ने अभी इस पर सावधानी बरतने को कहा है। यह समझौता खासतौर पर समुद्र के रास्तों और आर्थिक पाबंदियों से जुड़ा है।

ट्रंप का दावा और ईरान की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ऐलान किया कि ईरान के साथ एक समझौता रविवार को साइन होने वाला है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि यह नया समझौता परमाणु हथियारों को रोकने के लिए एक दीवार की तरह काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोल दिया जाएगा।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि आने वाले दिनों में समझौता साइन हो सकता है, लेकिन रविवार को ही ऐसा होना मुश्किल है। उन्होंने लोगों से सही तारीख को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

समझौते में क्या है खास

इस संभावित समझौते के तहत कई अहम शर्तें शामिल हैं जिन्हें सरल भाषा में इस तरह समझा जा सकता है:

  • संपत्तियों की वापसी: अमेरिका ईरान की अरबों डॉलर की जमी हुई संपत्ति को वापस करेगा।
  • तेल निर्यात: अमेरिका ईरान पर लगे तेल निर्यात के प्रतिबंधों को हटाएगा।
  • समुद्री रास्ता: इसके बदले में ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी खत्म करेगा ताकि जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके।
  • परमाणु मुद्दा: परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चर्चाओं को फिलहाल 60 दिनों के लिए टाल दिया जाएगा।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान इस संघर्ष में विजेता बनकर उभरा है। उन्होंने साफ किया कि अभी तक किसी समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, लेकिन बदलाव संभव हैं।

पाकिस्तान और इसराइल की भूमिका

पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का अंतिम मसौदा तैयार हो गया है और पाकिस्तान अगले कदमों पर दोनों पक्षों के साथ काम कर रहा है।

वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया कि इसराइल इस समझौते का हिस्सा नहीं होगा।

लीक हुई जानकारी पर विवाद

ईरानी मीडिया में समझौते के कुछ विवरण लीक हुए थे, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। ईरान के एक अधिकारी मेसम ज़ोहूरियन ने कहा कि लीक हुए टेक्स्ट में गलत दावे किए गए थे, जिससे देश के अंदर असंतोष पैदा हो सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी लीक हुई शर्तों को गलत बताया और ईरान से अपनी व्यवस्था सही करने को कहा था।