अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने वर्साय में एक एमओयू (MOU) पर साइन किए हैं। इस कदम से पिछले चार महीनों से चल रहे युद्ध को खत्म करने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद जगी है।

समझौते की मुख्य बातें

  • शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है।
  • ईरान ने वादा किया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और अपने परमाणु कार्यक्रम को फिलहाल रोक देगा।
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा। ईरान 30 दिनों के भीतर वहां से माइन्स हटाएगा और अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा।
  • अमेरिका ईरान पर से पाबंदियां हटाएगा ताकि ईरान अपनी तेल कमाई बढ़ा सके और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग का इस्तेमाल कर सके।
  • अगर आखिरी समझौता होता है, तो ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर का फंड दिया जा सकता है।
  • दोनों देशों और उनके सहयोगियों के बीच तुरंत युद्धविराम लागू करने की बात कही गई है।

नेताओं और अधिकारियों के बयान

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते के बाद कहा कि ईरान अब “खत्म” (FINISHED) हो चुका है और वह मजबूरी में वॉशिंगटन आया है। उन्होंने साफ किया कि बातचीत के इस 60 दिनों के दौरान ईरान को एक पैसा भी नहीं मिलेगा। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ट्रंप ने यह डील मजबूरी में साइन की है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि यह समझौता ओबामा दौर के JCPOA से अलग है और क्षेत्र के पड़ोसी देश इसे पसंद कर रहे हैं। सऊदी अरब की कैबिनेट ने, जिसकी अध्यक्षता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने की, इस समझौते का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र, G7 देशों और ब्रिटेन, जर्मनी और जापान के नेताओं ने भी इसे शांति की ओर एक बड़ा कदम बताया है।

ताज़ा अपडेट और मौजूदा स्थिति

स्विट्जरलैंड में 19 जून को होने वाली बातचीत को कुछ लॉजिस्टिक्स कारणों से टाल दिया गया है। इसी बीच, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भी एक अलग युद्धविराम समझौता हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कन्फर्म किया कि ईरान पर लगी समुद्री नाकाबंदी हटा ली गई है, लेकिन उनकी सेनाएं अभी भी मिडिल ईस्ट में तैनात और अलर्ट हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.