अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका की बड़ी जीत बताया है। यह समझौता 18 जून 2026 से लागू हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल मच गई है।
फ्रांस में हुए साइन और ट्रंप का बयान
17 जून को फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्साय में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इस समझौते (MOU) पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘Truth Social’ पर कहा कि यह अमेरिका की जीत है क्योंकि अब तेल का बहाव शुरू होगा और ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने नियमों का पालन नहीं किया तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है।
समझौते की मुख्य बातें
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने का फैसला हुआ है।
- ईरान के बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी हटा ली गई है।
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल दिया गया है ताकि जहाज़ आसानी से आ-जा सकें।
- अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है।
आम आदमी की जेब पर असर
इस डील के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में गिरावट आई है। अमेरिका में गैस की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन से नीचे चली गई हैं, जो मार्च के बाद पहली बार हुआ है। सऊदी अरब के तीन बड़े सुपरटैंकर, जिनमें 60 लाख बैरल कच्चा तेल था, इस समझौते के कुछ ही घंटों बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रे। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कन्फर्म किया कि नौसेना ने एक दर्जन से ज़्यादा जहाज़ों को जाने की अनुमति दी है।
ईरान की शर्त और इसराइल का विरोध
समझौते के तहत ईरान अगले 60 दिनों तक अपने यूरेनियम की मात्रा कम करेगा, जिसकी निगरानी IAEA संस्था करेगी। हालांकि, ईरान ने साफ़ कह दिया है कि वह अपने मिसाइल प्रोग्राम पर कोई बातचीत नहीं करेगा। दूसरी तरफ, इसराइल इस समझौते का विरोध कर रहा है और उसे इस डील की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। लेबनान में अभी भी तनाव है और वहां लड़ाई में इसराइल का एक सैनिक मारा गया है।
क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने इस समझौते के तुरंत लागू होने की पुष्टि की है। सऊदी अरब ने भी इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा के हितों का ध्यान रखने की बात कही है। ओमान अब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के साथ बातचीत करेगा।