अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के हवाई क्षेत्र में घुसकर उसके रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इसके जवाब में ईरान की सेना ने भी कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में बने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। इस सैन्य टकराव से पूरे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।

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अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला क्यों किया?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 8 या 9 जून को ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में की गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका बमों के दम पर बातचीत करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने जल्द ही समझौता स्वीकार नहीं किया, तो उसे और भी भीषण हमलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान बातचीत में बहुत देरी कर रहा है और उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत और बहरीन पर कैसे दागे ड्रोन?

अमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी हमला शुरू किया। ईरान ने कुवैत में मौजूद अली अल सलेम एयर बेस, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय और जॉर्डन के अल-अजराक बेस सहित 21 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में आने वाली कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। वहीं, ईरान के अंदरूनी इलाकों जैसे बंदर अब्बास, कीश द्वीप और मिनाब में अमेरिकी हमलों के बाद भारी धमाके सुने गए हैं, जिससे वहां पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।

खाड़ी देशों के व्यापार और सामान्य जनजीवन पर क्या होगा असर?

इस ताजा विवाद के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का दावा किया है, हालांकि अमेरिकी सेना का कहना है कि व्यावसायिक जहाजों का आवागमन अभी भी सामान्य रूप से जारी है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील है, क्योंकि इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक गुप्त मिशन का भी जिक्र किया जिसके जरिए हॉर्मुज के रास्ते 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल की सुरक्षित निकासी कराई गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के रडार सिस्टम पर हमला क्यों किया?

अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के विरोध में यह जवाबी कार्रवाई की गई है।

ईरान ने खाड़ी देशों में कहां-कहां पलटवार किया है?

ईरान के IRGC ने कुवैत के अली अल सलेम बेस, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।

क्या हॉर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया गया है?

ईरानी मीडिया ने जलमार्ग बंद होने का दावा किया है, लेकिन अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि व्यापारिक जहाजों का आना-जाना अभी भी जारी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.