अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। इस्लामाबाद में हुई सीधी बातचीत के बाद अमेरिका ने ईरान की जमी हुई संपत्ति का एक हिस्सा छोड़ने पर सहमति जताई है। ईरान ने इसे अमेरिका की गंभीरता की निशानी बताया है। यह कदम दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की कोशिश माना जा रहा है।

ईरान की जमा पूंजी और विवाद की वजह क्या थी?

ईरान की 6 अरब डॉलर की रकम साल 2018 में फ्रीज कर दी गई थी। साल 2023 में कैदियों की अदला-बदली के समय इस पैसे को रिलीज किया जाना था। लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को Hamas द्वारा इसराइल पर किए गए हमले के बाद अमेरिका ने इसे दोबारा फ्रीज कर दिया। अब कतर और अन्य अंतरराष्ट्रीय बैंकों में जमा इस पैसे को छोड़ने पर चर्चा हुई है।

इस समझौते में क्या शर्तें और चुनौतियां हैं?

ईरान ने इस पैसे की रिलीज को Strait of Hormuz से सुरक्षित रास्ता मिलने से जोड़ा है। यह क्षेत्र व्यापार और जहाजों की आवाजाही के लिए बहुत जरूरी है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कहा कि वे बातचीत में शामिल तो हैं लेकिन उन्हें दूसरे पक्षों पर पूरा भरोसा नहीं है। फिलहाल अमेरिका और कतर की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

इस्लामाबाद मीटिंग में कौन-कौन मौजूद था?

संस्था/व्यक्ति भूमिका
JD Vance अमेरिका के उपराष्ट्रपति, बातचीत में शामिल हुए
Abbas Araghchi ईरान के विदेश मंत्री
Ishaq Dar पाकिस्तान के विदेश मंत्री (सहयोग किया)
Syed Asim Munir पाकिस्तान के आर्मी चीफ (सहयोग किया)
Qatar बैंकों में ईरान की जमा पूंजी रखने वाला देश
Hamas जिनके हमले के बाद पैसा फिर से फ्रीज हुआ था