ईरान और अमेरिका के बीच रिश्तों में एक बार फिर कड़वाहट आ गई है. ईरान के डॉ पेज़ेशकियन ने बड़ा दावा किया है कि जब दोनों देश बातचीत कर रहे थे, तभी अमेरिका ने दो बार उन पर हमले किए. इस खबर के बाद अब दुनिया की नजरें दोनों देशों की अगली चाल पर टिकी हैं और यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब इनके बीच फिर से भरोसा कायम हो पाएगा.

अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद हुआ?

IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत के बीच में ही ईरान पर दो बार हमला किया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब विश्वास दोबारा बनाना होगा. वहीं, ईरान के एक अन्य अधिकारी ने भी इस बात का समर्थन किया और कहा कि जिन्होंने धोखा दिया और हमला किया, उन पर भरोसा करना मुमकिन नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना की क्या तैयारी है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक अहम ब्रीफिंग दी गई. जनरल डैन केन और एडमिरल ब्रैड कूपर ने करीब 45 मिनट तक राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर संभावित हमलों की योजनाओं के बारे में जानकारी दी. इस मीटिंग के बाद से ही तनाव और बढ़ गया है.

UAE और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया है?

  • UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने कहा कि ईरान द्वारा Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर दिए गए एकतरफा वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता.
  • गर्गाश ने ईरान की पिछली हरकतों को पड़ोसी देशों के खिलाफ गलत बताया.
  • फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर चर्चा हो रही है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और सामूहिक इच्छाशक्ति ही समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी को सुरक्षित रख सकती है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

डॉ पेज़ेशकियन ने अमेरिका के बारे में क्या आरोप लगाया?

डॉ पेज़ेशकियन ने दावा किया कि जब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही थी, उसी दौरान अमेरिका ने दो बार ईरान पर हमला किया, इसलिए अब भरोसा बनाना जरूरी है.

डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर हमलों के बारे में कब जानकारी दी गई?

30 अप्रैल 2026 को जनरल डैन केन और एडमिरल ब्रैड कूपर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर संभावित हमलों के बारे में 45 मिनट की ब्रीफिंग दी थी.