अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत अभी भी चल रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां कुछ एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि डिप्लोमेसी जारी है, वहीं राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान में होने वाली एक बड़ी मीटिंग को अचानक रद्द कर दिया है। ईरान इस समय अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए नाकेबंदी (blockade) से काफी नाराज है और इसे युद्ध की तरह देख रहा है।
ℹ: Indian Ocean में अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान का 380 मिलियन डॉलर का तेल जब्त, मचा हड़कंप।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?
रिटायर्ड US जनरल Mark Kimmitt ने Al Jazeera को बताया कि Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच बैक-चैनल डिप्लोमेसी चालू है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने भी Associated Press को यह बात कन्फर्म की है कि दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। इससे पहले 18 अप्रैल को राष्ट्रपति Donald Trump ने इन बातचीत को बहुत अच्छा बताया था और कहा था कि इसका मकसद एक पक्के शांति समझौते तक पहुँचना है।
ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से बात करते हुए साफ़ किया कि ईरान किसी भी दबाव या धमकी के बीच बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाई गई नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक बातचीत मुमकिन नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने तो यहाँ तक कह दिया कि बंदरगाहों की नाकेबंदी करना युद्ध की कार्रवाई है और यह सीज़फायर के नियमों का उल्लंघन है।
हाल के दिनों में क्या बड़ी घटनाएँ हुईं?
- मीटिंग रद्द: 25 अप्रैल को Donald Trump ने पाकिस्तान में होने वाली ईरानी negotiators के साथ मीटिंग रद्द कर दी और कहा कि अमेरिका के पास सभी पत्ते हैं।
- जहाज़ की नाकेबंदी: अमेरिकी सेना ने अरब सागर में M/V Sevan नाम के जहाज़ को रोका, जो ईरानी ऊर्जा उत्पादों को ले जा रहा था।
- सीज़फायर अपडेट: राष्ट्रपति ट्रंप ने सीज़फायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन यह इस शर्त पर है कि ईरान एक नया प्रस्ताव पेश करे।
- शिपिंग पर असर: CENTCOM के मुताबिक अब तक 37 जहाज़ों को अमेरिकी नाकेबंदी लाइन से हटाकर दूसरे रास्ते पर भेजा गया है।