अमेरिका और ईरान के बीच पिछले काफी समय से जारी तनाव पर फिलहाल लगाम लग गई है। दोनों देशों के बीच दो हफ्तों के लिए युद्धविराम का समझौता हुआ है। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की उम्मीद जगी है। व्हाइट हाउस ने इस समझौते को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका की एक बड़ी जीत करार दिया है। इस फैसले का सीधा असर खाड़ी देशों के व्यापार और सुरक्षा पर पड़ेगा जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों को भी सुरक्षा का अहसास होगा।

इस समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं और इससे क्या लाभ होगा?

ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए होने वाली तेल और गैस की सप्लाई में कोई रुकावट पैदा नहीं करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने भरोसा दिया है कि वे अपनी तरफ से हमले रोक देंगे और जहाजों को सुरक्षित रास्ता देंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस पूरे मामले में मध्यस्थता की है और दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद बुलाया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह राहत भरी खबर है क्योंकि क्षेत्र में तनाव कम होने से आवाजाही और नौकरी की सुरक्षा बेहतर होती है।

व्हाइट हाउस और ईरान की तरफ से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है?

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन्स की सफलता की वजह से ईरान बातचीत के लिए तैयार हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे दुनिया की शांति के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है और भविष्य में एक स्थायी समझौते की उम्मीद जताई है। दूसरी तरफ ईरान की सुरक्षा परिषद ने भी इसे अपनी जीत बताते हुए कहा है कि ट्रंप ने ईरान की शर्तों को मान लिया है। इजरायल सरकार ने भी इस समझौते का समर्थन किया है जिससे मध्य पूर्व में शांति की नई राह खुली है।