अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध विराम अब खतरे में है। चीन ने इस स्थिति को बहुत नाजुक बताया है और तनाव कम करने की अपील की है। दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की सैन्य घेराबंदी शुरू कर दी है, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई है।

अमेरिका का बड़ा फैसला और ईरान की चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी करेगी। यह फैसला इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के फेल होने के बाद लिया गया। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के फास्ट अटैक जहाज इस घेराबंदी के पास आए, तो उन्हें तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। वहीं ईरान की सेना IRGC ने इस कदम को समुद्री डकैती और अवैध बताया है और कहा है कि इसका करारा जवाब दिया जाएगा।

दुनिया के बड़े देशों का इस पर क्या कहना है

चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने कहा कि अभी सबसे जरूरी काम युद्ध को फिर से शुरू होने से रोकना है। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने उम्मीद जताई है कि युद्ध विराम अभी टिका हुआ है और बातचीत से हल निकाला जा सकता है। इस विवाद में अलग-अलग देशों और संस्थाओं के स्टैंड इस प्रकार हैं:

देश/संस्था मुख्य बयान और स्टैंड
चीन युद्ध विराम बहुत नाजुक है, तनाव कम करना प्राथमिकता है।
अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी लागू कर दी।
ईरान नाकाबंदी को अवैध बताया, सैन्य जवाब की चेतावनी दी।
पाकिस्तान शांति के लिए डिप्लोमेसी और बातचीत जारी है।
UK ब्रिटेन इस नाकाबंदी का समर्थन नहीं करेगा।
UN किसी को भी शिपिंग रूट ब्लॉक करने का कानूनी हक नहीं है।

क्षेत्र में क्या है ताजा स्थिति

इस पूरे विवाद के बीच इसराइल ने अपनी सैन्य तैयारी बढ़ा दी है। अगर युद्ध विराम पूरी तरह खत्म होता है, तो संघर्ष फिर से भड़क सकता है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका को अपनी शर्तें बदलनी होंगी। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या डिप्लोमेसी काम करेगी या हालात और बिगड़ेंगे।