US-Iran Ceasefire: अमेरिका का दावा, चीन नहीं भेजेगा ईरान को हथियार, ट्रंप बोले राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिया भरोसा
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम (ceasefire) को लेकर एक बड़ी खबर आई है. अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने दावा किया है कि चीन ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि वह इस दौरान ईरान को हथियार नहीं देगा. राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस बात की पुष्टि की है, जिससे दुनिया की नजरें अब चीन और ईरान के रिश्तों पर टिकी हैं.
चीन और अमेरिका के बीच क्या बात हुई?
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth और राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि चीन ने ईरान को हथियारों की सप्लाई न करने का वादा किया है. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने भी कहा कि चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने खुद ट्रंप को यह आश्वासन दिया था. हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है. चीन का कहना है कि वह हथियारों के निर्यात में हमेशा अपने कानूनों और नियमों का पालन करता है.
युद्धविराम और मौजूदा हालात क्या हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच अभी दो हफ्ते का युद्धविराम चल रहा है, जो 22 अप्रैल को खत्म होगा. पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच शांति बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. रक्षा सचिव Hegseth ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने ceasefire तोड़ा, तो अमेरिका तुरंत फिर से हमला शुरू कर देगा. फिलहाल अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है, जिसे तब तक हटाया नहीं जाएगा जब तक शिपिंग के लिए खतरा खत्म नहीं होता.
| मुख्य बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| अमेरिकी अधिकारी | Pete Hegseth, Donald Trump, Karoline Leavitt, Scott Bessent, Gen. Dan Caine |
| चीन की भूमिका | राष्ट्रपति Xi Jinping और विदेश मंत्रालय |
| ईरान की स्थिति | युद्धविराम का केंद्र, सुप्रीम लीडर मोजतबा खमेनी घायल बताए गए |
| युद्धविराम की तारीख | 22 अप्रैल 2026 को समाप्त |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |
| मुख्य मुद्दा | स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और पोर्ट ब्लॉकेड |
| चीन का जवाब | हथियार भेजने के दावों को नकारा, इसे मनगढ़ंत बताया |