अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव कम करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम (ceasefire) को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है. पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बीच-बचाव कर यह कोशिश की ताकि शांति की बात हो सके. हालांकि, समुद्र में अमेरिकी नौसेना की पाबंदी की वजह से अभी भी हालात पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं.

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युद्धविराम क्यों बढ़ाया गया और पाकिस्तान का क्या रोल है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के अनुरोध पर यह फैसला लिया. पाकिस्तान चाहता था कि ईरान के नेतृत्व को एक ठोस प्रस्ताव तैयार करने के लिए और समय मिले. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री और सूचना मंत्री भी लगातार दोनों देशों के संपर्क में रहे ताकि बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो सके.

समुद्र में नाकाबंदी और ईरान की नाराजगी की क्या वजह है?

युद्धविराम के बावजूद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की समुद्री नाकाबंदी जारी रखी है. ईरान इसे युद्ध की कार्रवाई और समुद्री डकैती मान रहा है. इसी विरोध में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो कार्गो जहाजों को जब्त किया और एक कंटेनर जहाज पर हमला किया. ईरान का कहना है कि जब तक नाकाबंदी नहीं हटती, तब तक बातचीत करना सरेंडर करने जैसा होगा.

क्या दोबारा बातचीत शुरू होगी और ताजा अपडेट क्या हैं?

इस्लामाबाद में होने वाली शांति बातचीत पर अब अनिश्चितता बनी हुई है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance की इस्लामाबाद यात्रा फिलहाल टाल दी गई है. वहीं, अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन ने अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे दिया है. दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या ईरान अमेरिकी पाबंदियों के बाद बातचीत की मेज पर वापस आएगा या नहीं.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.