US-Iran Peace Deal: अमेरिका ने ईरान को दिया बेहतर भविष्य का मौका, पाकिस्तान की मदद से सीज़फायर बढ़ा, लेकिन तनाव अब भी जारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक नया मौका दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान एक नए समझौते के लिए तैयार होता है, तो उसका भविष्य काफी बेहतर हो सकता है। इस बीच पाकिस्तान के कहने पर युद्ध रोकने के समझौते (ceasefire) को आगे बढ़ा दिया गया है, ताकि बातचीत की गुंजाइश बनी रहे। हालांकि, समुद्र में बढ़ती हलचल ने इस शांति की उम्मीदों के बीच तनाव पैदा कर दिया है।
सीज़फायर में बढ़ोत्तरी और नई बातचीत की तैयारी
22 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीज़फायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया। यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की रिक्वेस्ट पर लिया गया ताकि ईरान एक नया प्रस्ताव तैयार कर सके। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने साफ़ किया कि ईरान को प्रस्ताव देने के लिए कोई तय समय सीमा नहीं दी गई है। ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता 26 अप्रैल से फिर शुरू हो सकती है।
ईरान की शर्तें और समुद्र में बढ़ता तनाव
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने बातचीत का स्वागत तो किया लेकिन अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी और धमकियों को बड़ी रुकावट बताया। वहीं ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद-बाघेर गालिबफ और यूएन राजदूत आमिर सईद इरावानी ने साफ़ कहा कि जब तक अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक वे बातचीत में वापस नहीं आएंगे। इसी तनाव के बीच 23 अप्रैल को ईरान ने फिर से कमर्शियल जहाजों पर हमले किए और इसे अमेरिकी नाकाबंदी का जवाब बताया।
इस मामले में किन देशों की क्या भूमिका है
इस पूरे विवाद में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है और उसी के अनुरोध पर सीज़फायर बढ़ा है। ओमान ने भी इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी और संकट को सुलझाने के प्रयासों को तेज करने की बात कही। दूसरी तरफ अमेरिका ने अपनी नौसेना की नाकाबंदी जारी रखी है। इस बीच एक बड़ा बदलाव यह हुआ कि 22 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया।