अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. व्हाइट हाउस ने ईरान के साथ युद्ध विराम की समय सीमा को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन इस बीच ईरान ने समुद्र में जहाजों पर हमले शुरू कर दिए हैं. पाकिस्तान इस मामले में दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है, ताकि शांति समझौता हो सके.

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अमेरिका ने युद्ध विराम क्यों बढ़ाया और पाकिस्तान का क्या रोल है?

व्हाइट हाउस ने 21 अप्रैल 2026 को युद्ध विराम को आगे बढ़ाने का ऐलान किया. यह फैसला पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कोशिशों के बाद लिया गया. अमेरिका ने ईरान से शांति बातचीत के लिए एक साझा प्रस्ताव मांगा है. प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाब के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी.

ईरान की क्या प्रतिक्रिया रही और जहाजों पर हमला क्यों हुआ?

ईरान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वहां के अधिकारियों ने इसे अमेरिका की एक चाल बताया है. ईरान का कहना है कि अमेरिकी नाकाबंदी युद्ध विराम का उल्लंघन है. इसी वजह से 22 अप्रैल को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमला किया और दो जहाजों को जब्त कर लिया. ईरान की सेना ने कहा है कि वे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्ध विराम बढ़ने का स्वागत किया है. उन्होंने इसे तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया. गुटेरेस ने दोनों देशों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी हरकत से बचें जिससे शांति भंग हो और बातचीत के जरिए मामला सुलझाएं. वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा को फिलहाल टाल दिया गया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.