US और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच अब युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा बढ़ाने की बातें हो रही हैं। ओमान ऑब्जर्वर की एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश शांति वार्ता के लिए इस समय सीमा को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक समझौते पर मुहर नहीं लगी है और दोनों तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है।

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सीज़फायर की समय सीमा और मौजूदा स्थिति क्या है?

दोनों देशों के बीच मौजूदा सीज़फायर 22 अप्रैल 2026 को खत्म हो जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि उन्होंने अभी तक सीज़फायर बढ़ाने के लिए औपचारिक रूप से सहमति नहीं दी है, लेकिन बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि सीज़फायर बढ़ने की खबरें अभी कन्फर्म नहीं हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उम्मीद जताई है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, हालांकि इससे पहले उन्होंने इसे बढ़ाने से मना भी किया था।

शांति समझौते में कौन सी मुख्य रुकावटें हैं?

शांति समझौते को अंतिम रूप देने में कुछ बड़े मुद्दे अब भी बाधा बने हुए हैं, जिन्हें सुलझाना जरूरी है:

  • ईरान का परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की स्थिति और समुद्री सुरक्षा।
  • युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे का मुद्दा।
  • अमेरिका की मांग है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश पूरी तरह छोड़ दे।

हालिया तनाव और मध्यस्थ देशों की भूमिका क्या है?

क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी थी। इसके जवाब में ईरान ने धमकी दी है कि वह लाल सागर, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में व्यापार रोक देगा। इस बीच पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख और एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के लिए तेहरान पहुँच चुका है।

Sushma Kumari

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