US-Iran Ceasefire Update: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ा, ट्रंप ने किया ऐलान, लेकिन ईरान ने कंटेनर शिप पर किया हमला

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ युद्धविराम की समय सीमा को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला 21 अप्रैल 2026 को लिया गया, जबकि पुराना समझौता 22 अप्रैल की शाम को खत्म होने वाला था। हालांकि, शांति की कोशिशों के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर शिप पर फायरिंग कर दी, जिससे जहाज को नुकसान पहुँचा है।

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ट्रंप ने क्यों बढ़ाया युद्धविराम और क्या हैं शर्तें?

राष्ट्रपति Donald Trump ने TruthSocial पर जानकारी दी कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि ईरान एक ऐसा प्रस्ताव ला सके जिससे इस संघर्ष को पूरी तरह खत्म किया जा सके। ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान ने इस युद्धविराम को बढ़ाने की गुजारिश की थी क्योंकि ईरान की सरकार के भीतर काफी मतभेद चल रहे हैं। इस बीच, अमेरिका ने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वह ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखे। IAEA के प्रमुख Rafael Grossi ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे शांति की दिशा में जरूरी बताया है।

ईरान की कार्रवाई और क्षेत्र में बढ़ता तनाव

एक तरफ जहाँ युद्धविराम की बात हो रही है, वहीं 22 अप्रैल की सुबह ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक कंटेनर शिप पर हमला कर दिया। इस हमले के कारण पाकिस्तान में होने वाली बातचीत भी टल गई है। इसके अलावा, इसराइल और लेबनान के हिजबुल्लाह के बीच भी 21 अप्रैल को गोलाबारी हुई है, जबकि उनके बीच पहले से एक अलग समझौता चल रहा था। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance को पाकिस्तान जाना था, लेकिन ईरान के प्रस्ताव का इंतजार होने के कारण उनकी यात्रा टाल दी गई है।

युद्ध के कारण अब तक कितना हुआ नुकसान?

इस पूरे संघर्ष में अब तक भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में कम से कम 3,375 लोग और लेबनान में 2,290 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इसराइल में 23 लोग और खाड़ी देशों में भी एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए हैं। सेना की बात करें तो लेबनान में इसराइल के 15 सैनिक और क्षेत्र में तैनात अमेरिका के 13 जवान अपनी जान गंवा चुके हैं। दोनों देशों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई ठोस समझौता नहीं हुआ तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है।